आम आदमी पार्टी सांसद भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया है कि कोरोना काल के पहले चरण में ही यह सच सामने आ गया था कि देश में ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाये जाने की सख्त जरूरत है। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए ही प्रधानमंत्री केयर्स फंड से पैसे जारी कर 162 पीएसए शुरू करने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए टेंडर जारी होने के छह महीने बाद भी आज तक ये प्लांट शुरू नहीं किये जा सके। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
भगवंत मान ने कहा कि इस समय ऑक्सीजन की कमी का बहाना बनाकर केंद्र सरकार और पंजाब सरकारें केवल अपनी नाकामी को छुपाना चाहती हैं। अगर उन ऑक्सीजन प्लांट्स को सही समय पर शुरू कर दिया गया होता, तो आज उन सैकड़ों मरीजों की जान बचायी जा सकती थी, जिनकी मौत केवल ऑक्सीजन की कमी के कारण हो गई है। मान ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार ही नहीं बल्कि पंजाब की कैप्टन सरकार को भी जवाब देना चाहिए।
भगवंत सिंह मान ने पीएम केयर्स फंड के पैसों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पीएम केयर्स फंड में हजारों करोड़ रुपये की राशि एकत्र की गई थी। आम जनता ने करोना में लोगों की मदद के लिए इस फंड में भारी दान दिया था। लेकिन आज तक कोई नहीं जानता कि इस फंड के कितने पैसों का किस तरह से इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री को इस मामले में सामने आकर जानकारी देनी चाहिए, जिससे लोग यह जान सकें कि उनके पैसों का किस प्रकार से उपयोग किया गया।