एयरलाइन कंपनियों के जांच पर बोला DGCA
मामले में डीजीसीए ने कहा है कि वे दोनों एयरलाइनों के तकनीकी संचालन, सुरक्षा प्रोटोकॉल और उड़ान कार्यक्रम की विस्तार से जांच कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। एअर इंडिया के बेड़े में कई वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं, जो आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ान भरते हैं। बोइंग 787, जिसे 'ड्रीमलाइनर' भी कहा जाता है, इनमें प्रमुख है और लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस्तेमाल होता है।
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एअर इंडिया के पास कितने बोइंग 787 विमान हैं?
एअर इंडिया के पास कुल 33 बोइंग 787-8 और 787-9 ड्रीमलाइनर विमान हैं। इनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए किया जाता है।
रद्द की गई प्रमुख उड़ानों में शामिल हैं-
- AI915 - दिल्ली से दुबई - बोइंग 788 ड्रीमलाइनर
- AI153 – दिल्ली से विएना – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर
- AI143 – दिल्ली से पेरिस – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर
- AI159 – अहमदाबाद से लंदन – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर
- AI170 – लंदन से अमृतसर – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर
- AI133 – बंगलूरू से लंदन – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर
- AI179 – मुंबई से सैन फ्रांसिस्को – बोइंग 777
उड़ानों की रद्दीकरण के पीछे क्या कारण हैं?
वर्तमान में एक बड़ा कारण ईरानी हवाई क्षेत्र का बंद होना है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के चलते कई एयरलाइनों को अपनी उड़ानों के रूट बदलने पड़े हैं। इससे उड़ानों में देरी, लंबी दूरी और ईंधन की अधिक खपत जैसी दिक्कतें आ रही हैं।
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डीजीसीए ने क्या कदम उठाए हैं?
डीजीसीए ने एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संचालन की समीक्षा शुरू की है और कहा है कि एयरलाइंस को वैकल्पिक उड़ान मार्ग निर्धारण रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि ईरानी हवाई क्षेत्र के बंद से होने वाली गड़बड़ियों को कम किया जा सके। एयरलाइनों को कहा गया है कि वे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों का पूरा ध्यान रखें।