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बेहतर मानसून से विकास दर रहेगी 8 फीसदी से अधिक: पनगढ़िया

Wed, 27 Jul 2016 04:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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arvind panagariya
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मानसूनी बारिश बेहतर रहने से मौजूदा वित्त वर्ष में विकास दर में एक फीसदी का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। यह आठ फीसदी से अधिक रह सकती है, जो वित्त वर्ष 2015-16 में 7.6 फीसदी थी। यह बात बुधवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कही।
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पनगढ़िया ने मुख्य सचिवों और योजना सचिवों के एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से अलग से बात करते हुए कहा कि मैं मानसून को लेकर बहुत उत्साहित हूं। हमें कृषि विकास दर काफी बेहतर रहने की उम्मीद है। यदि कृषि विकास दर इस उम्मीद के अनुरूप रहती है, तो यह विकास दर में एक फीसदी का अतिरिक्त योगदान करेगी।

वित्त वर्ष 2016-17 में विकास दर आठ फीसदी से अधिक रहनी चाहिए। देश की विकास दर मार्च में समाप्त हुई तिमाही में 7.9 फीसदी रही और 2015-16 की 7.6 फीसदी विकास दर गत पांच साल में सर्वाधिक है। सरकार ने भी कहा है कि बेहतर मानसून रहने से विकास दर आठ फीसदी तक रह सकती है।
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कृषि विकास दर गत वर्ष मामूली 1.2 फीसदी रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बृहस्पतिवार को नीति आयोग के दफ्तर पहुंचने के बारे में उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री के साथ विजन (15 साल यानी 2030 तक), रणनीति (सात साल) और कार्य योजना (तीन साल) दस्तावेजों पर चर्चा करेंगे। हम इन दस्तावेजों पर उनका मार्गदर्शन लेंगे और अपने विचार साझा करेंगे। 
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'सरकार राज्यों पर कुछ भी थोपना नहीं चाहती' 

अरविंद पनगढिया
राज्यों द्वारा पंच वर्षीय योजना जारी रखने के विषय में उन्होंने कहा कि सरकार राज्यों पर कुछ भी थोपना नहीं चाहती है। कुछ राज्य पंच वर्षीय योजना को जारी रख सकते हैं। केंद्र सरकार ने हालांकि पंच वर्षीय योजना व्यवस्था खत्म कर दी है।

पनगढ़िया ने कहा कि योजना आयोग खत्म कर इसकी जगह नीति आयोग स्थापित हो चुका है, लेकिन अधिकतर राज्यों में योजना बोर्ड कायम है। उन्होंने कहा कि कुछ चीजों में तालमेल बनाना जरूरी होगा। जैसे कि 2017-18 से योजना और गैर-योजना खर्च का भेद खत्म हो जाएगा।

जो राज्य पुरानी योजना प्रथा को कायम रखना चाहेंगे, उन्हें यह तय करना होगा कि अपने स्तर पर किस खर्च को योजना खर्च के रूप में चिह्नित करना चाहेंगे। उन्होंने हालांकि कहा कि रेल बजट खत्म करने के बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है। 
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