मानसूनी बारिश बेहतर रहने से मौजूदा वित्त वर्ष में विकास दर में एक फीसदी का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। यह आठ फीसदी से अधिक रह सकती है, जो वित्त वर्ष 2015-16 में 7.6 फीसदी थी। यह बात बुधवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कही।
पनगढ़िया ने मुख्य सचिवों और योजना सचिवों के एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से अलग से बात करते हुए कहा कि मैं मानसून को लेकर बहुत उत्साहित हूं। हमें कृषि विकास दर काफी बेहतर रहने की उम्मीद है। यदि कृषि विकास दर इस उम्मीद के अनुरूप रहती है, तो यह विकास दर में एक फीसदी का अतिरिक्त योगदान करेगी।
वित्त वर्ष 2016-17 में विकास दर आठ फीसदी से अधिक रहनी चाहिए। देश की विकास दर मार्च में समाप्त हुई तिमाही में 7.9 फीसदी रही और 2015-16 की 7.6 फीसदी विकास दर गत पांच साल में सर्वाधिक है। सरकार ने भी कहा है कि बेहतर मानसून रहने से विकास दर आठ फीसदी तक रह सकती है।
कृषि विकास दर गत वर्ष मामूली 1.2 फीसदी रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बृहस्पतिवार को नीति आयोग के दफ्तर पहुंचने के बारे में उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री के साथ विजन (15 साल यानी 2030 तक), रणनीति (सात साल) और कार्य योजना (तीन साल) दस्तावेजों पर चर्चा करेंगे। हम इन दस्तावेजों पर उनका मार्गदर्शन लेंगे और अपने विचार साझा करेंगे।