मुरली मनोहर जोशी, भाजपा के वरिष्ठ नेता
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफे दे दिया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी ने प्रधान के इस फैसले का स्वागत किया। इसके साथ ही छात्रों की बधाई दी।
मुरली मनोहर जोशी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा 'देर आये दुरुस्त आये। आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री जी भी इस पर शीघ्र ही समयोचित निर्णय लेंगे। उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं कि उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया। मैं आशा करता हूं कि अब भारतीय शिक्षा जगत में शीघ्र शांति स्थापित हो जाएगी। इसके साथ ही छात्रों को अपने उज्जवल भविष्य तथा प्रगति के लिए व्यापक अवसर मिले। '
क्या है मामला?
दरअसल, देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद और पिछले कई हफ्तों से चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों हो रहे थे। मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की आलोचना हो रही थी। कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र लगातार सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे पर क्या कहा?
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने इस्तीफे का पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। लेकिन पिछले 10 दिन से मेरा मन दुखी है।