कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बंगलूरू में चार जून को हुई भगदड़ के मामले में कहा, राज्य के भाजपा नेताओं को हमारे इस्तीफे की मांग करने से पहले बीते कुछ वर्षों में हुई ऐसी अन्य घटनाओं के बाद इस्तीफा देने वाले बीजेपी नेताओं की सूची जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा, चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। जिम्मेदार सरकार के रूप में, हमने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।
सरकार ने कड़े फैसले लिए
सिद्धारमैया ने कहा कि भगदड़ के बाद बंगलूरू शहर के पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। राज्य खुफिया विभाग के प्रमुख का तबादला कर दिया गया है। मेरे राजनीतिक सचिव को भी कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मामले की गहन जांच करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जॉन माइकल कुन्हा के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग का गठन भी किया गया है।
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अक्रामक सिद्धारमैया बोले- त्रासदी का राजनीतिकरण करना भाजपा के DNA में
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की निर्णायक कार्रवाई के बावजूद, राज्य के भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उन्हें लोगों की वास्तविक चिंता नहीं है। भाजपा के इरादे राजनीतिक हैं। त्रासदी का राजनीतिकरण करना भाजपा के लिए कोई नई बात नहीं है। मृत्यु, दुर्घटना या हिंसा की हर घटना पर गिद्धों की तरह झपटना उनके डीएनए में समाया हुआ है। उन्होंने कहा, यहां तक कि अगर उनके आंगन में एक हाथी भी मर जाता है, तो उन्हें अपने पड़ोसी की थाली में मक्खी पर ध्यान देने की आदत है। कर्नाटक के लोग भाजपा के इस व्यवहार का पैटर्न समझ चुके हैं। कांग्रेस हर त्रासदी से प्रभावित परिवारों के दुख और पीड़ा के साथ सहानुभूति रखती है। हम राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी घटनाओं का फायदा नहीं उठाते। कांग्रेस भाजपा शासन के दौरान हुई कुछ घटनाओं को लोगों के ध्यान में लाकर उनके पाखंड को उजागर करने के लिए बाध्य है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में व्यापक और निष्पक्ष जांच करा रही सरकार
सिद्धारमैया ने कहा, हमारी सरकार कर्नाटक के 7 करोड़ लोगों के प्रति जवाबदेह है। इसलिए बंदलूरू भगदड़ मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ प्रारंभिक कार्रवाई की गई है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में व्यापक और निष्पक्ष जांच की जा रही है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ बिना किसी हिचकिचाहट के सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भाजपा के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर कहा, 'मैं राज्य के भाजपा नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे अपनी सड़क पर नौटंकी बंद करें और अंतरात्मा की आवाज सुनें।'
बंगलूरू की भगदड़ के लिए कांग्रेस सरकार की विफलता जिम्मेदार
इससे पहले कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए भाजपा ने बंगलूरू में प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा ने एक्स हैंडल पर तस्वीरें साझा कर लिखा, कांग्रेस सरकार 11 निर्दोष लोगों की मौत का कारण बनी। भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है। बीजेपी के एक्स हैंडल पर जारी बयान के मुताबिक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आरए अशोक और प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सी नारायणस्वामी के नेतृत्व में बंगलूरू के फ्रीडम पार्क में विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। भाजपा ने भगदड़ के लिए कांग्रेस सरकार की विफलता को कारण बताया और कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और गृह मंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का हल्लाबोल
विरोध प्रदर्शन के दौरान सीएम के इस्तीफे की मांग के अलावा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के इस हल्लाबोल में कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक, विधान परिषद सदस्य, भाजपा जिलाध्यक्ष पार्टी पदाधिकारियों समेत प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
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किस घटना से आक्रोशित है भाजपा
बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें संस्करण (IPL 2025) में चैंपियन बनने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) की टीम के सम्मान में कर्नाटक विधानसभा परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा चिन्नास्वामी स्टेडियम में भी आरसीबी की जीत का जश्न मनाया गया। हालांकि, सड़कों पर उमड़ी अप्रत्याशित भीड़ के बीच अचानक मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल भी हुए।