कर्नाटक में भाजपा का प्रदर्शन
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'भाजपा पुलिस के साथ खड़ी'
घटना के सिलसिले में तत्कालीन बंगलूरू पुलिस आयुक्त बी दयानंद सहित पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने के लिए सरकार पर निशाना साधते हुए अशोक ने कहा कि भाजपा पुलिस के साथ खड़ी है। उनके लिए लड़ेगी, क्योंकि पुलिस की ओर से कोई गलती नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से अनुमति न दिए जाने के बावजूद जीत का जश्न मनाया गया। 11 लोगों की मौत सरकार की ओर से प्रायोजित हत्या के अलावा और कुछ नहीं है।
'आप कानून की नजर में आरोपी'
उन्होंने कहा, 'आपके पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है, आप इसे खो चुके हैं। आप कानून की नजर में आरोपी हैं।' विपक्ष के नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आरसीबी के ब्रांड एंबेसडर की तरह व्यवहार कर रहे हैं, मौतों के बावजूद जीत का जश्न मनाया गया। पहली मौत दोपहर 3:15 बजे (4 जून को) हुई, जीत का जश्न कार्यक्रम शाम 4:30-5 बजे शुरू हुआ, तब तक सात से आठ मौतें हो चुकी थीं। फिर डिप्टी सीएम दूसरे जश्न के कार्यक्रम में शामिल होने स्टेडियम गए, जहां शाम 6:30-7 बजे के आसपास एक करोड़ रुपये के पटाखे फोड़े गए। 11 मौतों के बाद पटाखे फोड़े गए, क्या आपमें इंसानियत बची है?
कर्नाटक में भाजपा का प्रदर्शन
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जल्द ही राज्यपाल से मिलने की योजना
अशोक ने अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों की आत्महत्याओं, मातृ मृत्यु का हवाला देते हुए कहा कि पांच लोकलुभावन गारंटी योजनाओं के बाद मौतें इस सरकार की छठी गारंटी हैं। उन्होंने कहा, 'हमने सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए जल्द ही राज्यपाल से मिलने की योजना बनाई है।'