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Bengaluru Stampede: भाजपा ने की कर्नाटक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग, कहा- जवाबदेही चाहती है जनता

Sun, 08 Jun 2025 07:25 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

Bengaluru Stampede: कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने 4 जून को बंगलूरू में हुई भगदड़ की घटना पर चर्चा के लिए तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की। इस घटना में 11 लोग मारे गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के.शिवकुमार से इस्तीफा और मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। 
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आर अशोक - फोटो : एक्स/आर अशोक
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विस्तार
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कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने रविवार को सरकार से राज्य विधानमंडल का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने चार जून को मची भगदड़ पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि लोग इस घटना पर जवाबदेही चाहते हैं। 

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भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी के सभी विधायक मृतकों के परिजनों को अपना एक महीने का वेतन मदद के रूप में देंगे, खासकर उन परिवारों को जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार दिवालिया नहीं है तो उसे मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की मुआवजा राशि देनी चाहिए। 

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भगदड़ चार जून की शाम चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची थी। लोगो बड़ी संख्या में आईपीएल में आरसीबी के जश्न को मनाने के लिए जुटे थे। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 56 लोग घायल हुए थे। 
 
आर अशोक ने कहा कि राज्य के लोग सवाल पूछ रहे हैं कि गलती किसकी थी। इसलिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए, ताकि इस पर चर्चा हो सके कि किसकी गलती थी। सभी नियमों के उल्लंघन या कानून की अनदेखी पर चर्चा होनी चाहिए, चाहे वह पुलिस की अनुमति हो या प्रशासन एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीएपीआर) की। यह सब चर्चा का विषय होना चाहिए।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुआवजे के साथ-साथ तीन जांचों पर भी चर्चा होनी चाहिए, जिसमें मजिस्ट्रेट जांच, सीआईडी जांच और हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त जज जॉन माइकल डी’कुन्हा की एकल जांच शामिल है। 

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उन्होंने कहा, सभी जांचें डी’कुन्हा को दी जा रही हैं, वह स्थायी हैं... हमने हाईकोर्ट के कार्यरत जज की निगरानी में जांच की मांग की थी और हम इस मांग को जारी रखेंगे। तीन दिन का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाना चाहिए। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालावड़ी नारायणस्वामी और मैं इस संबंध में विधानसभा के अध्यक्ष, परिषद के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।

उन्होंने कहा, आलोचनाओं के बाद सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, अगर सरकार दिवालिया नहीं है, तो उनकी पार्टी प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग करती है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के नेताओं की एक टीम मृतकों के परिवारों से मिलने जाएगी और उन्हें सांत्वना देने की कोशिश करेगी। 

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