बंगलूरू में मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत औऱ 50 लोगों के घायल होने के बाद कर्नाटक सरकार ने पुलिस महकमे पर सख्ती दिखाई है। आला अधिकारियों के निलंबन के बाद अब भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी सीमांक कुमार सिंह को अगले आदेश तक नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार बंगलूरू भगदड़ मामले में तत्परता से कार्रवाई कर रही है। पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सीमांत कुमार सिंह को बंगलूरू पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक आईपीएस अधिकारी सीमांत 1996 बैच के कर्नाटक कैडर के ही पुलिस अधिकारी हैं।
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तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण
सीमांत कुमार सिंह बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन टास्क फोर्स में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनके तबादले को लेकर जारी अधिसूचना में कहा गया कि उन्हें तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया जाता है। अगले आदेश तक वे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त, बेंगलुरु सिटी पद पर तैनात रहेंगे।
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
11 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद सख्ती दिखाते हुए राज्य सरकार ने बंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी दयानंद समेत कई अधिकारियों को निलंबित किया। इसके कुछ ही घंटों बाद आईपीएस सीमांत को शहर की कमान सौंपी गई। जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें निरीक्षक, एसीपी, पुलिस उपायुक्त भी शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला; हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, सरकार ने दिया यह जवाब
गौरतलब है कि 17 साल के लंबे इंतजार के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें सत्र में चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम अहमदाबाद से चार जून को गृह राज्य कर्नाटक लौटी थी। राजधानी में कर्नाटक सरकार ने पहले विधानसौधा में पूरी टीम का अभिनंदन किया। इसके बाद टीम अपने होम ग्राउंड- चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंची। चैंपियन टीम को अपने बीच पाकर क्रिकेट की दीवानगी स्थानीय लोगों में चरम पर दिखी। उत्साह की पराकाष्ठा में लाखों लोग सड़कों पर जमा हुए। इसी बीच अचानक हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 50 ज्यादा लोग घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बंगलूरू शहरी उपायुक्त के नेतृत्व में घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। पुलिस आयुक्त समेत कई अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी। मामला हाईकोर्ट में भी पहुंचा। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया और सरकार से जवाब मांगा। सरकार ने कोर्ट को बताया कि शहर के पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एसीपी समेत 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास तैनात थे। कोर्ट मंगलवार 10 जून को इस याचिका पर फिर से सुनवाई करेगी।
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