पिछले साल बंगुलरू में हुई आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 16 अक्टूबर 2016 को आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या हुई इस मामल में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें आसिम शारिफ नाम का शख्स भी शामिल था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एएनआई) ने आसिम शारिफ पर आतंकवादी समूहों के साथ जुड़े होने का आरोप लगाया है।
एएनआई ने यह आरोप कर्नाटक उच्च न्यायालय में 40 वर्षीय शारिफ द्वारा दायर याचिका पर बहस के दौरान लगाए हैं। एएनआई ने कहा कि आसिम शारिफ सामाजिक और राजनीतिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की जिला शाखा का लीडर है। जो इंडियन मुजाहिदीन और अल उम्मा जैसे आतंकवादी समूहों के सदस्यों के साथ जुड़ा था।
शारिफ ने याचिका में आरएसएस नेता आर रुद्रेश की हत्या के लिए अपने खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), 1967 के तहत लगाए गए प्रवाधानों और इस मामले में गृह मंत्रालय के एनआईए से जांच कराने के फैसले पर भी सवाल उठाया।
हालांकि कोर्ट में बहस के दौरान गृह मंत्रालय और एनआईए ने कहा है कि यूएपीए के प्रावधान इस मामले में इसलिए लगाए गए हैं क्योंकि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दा शामिल हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल 16 अक्टूबर को बंगलुरू में दो बाइक सवारों ने आरएसएस कार्यक्रता आर रुद्रेश की कामराज रोड पर हत्या कर दी थी। जिसके बाद इस हत्या को संगठित तरीके से अंजाम देने का अंदेशा जाहिर किया गया था।