बंगलूरू में महिला के 30 टुकड़े कर फ्रीज में रखने वाले आरोपी ने बुधवार को ओडिशा में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपना अपराध कबूल किया है। हालांकि, मृतक आरोपी की मां ने दावा किया है कि उनके बेटे को महिला ने अपने जाल में फंसा लिया था। वह उससे पैसे मांगती रहती थी।
बंगलूरू पुलिस उपायुक्त (मध्य) शेखर एच टेक्कन्नावर ने कहा था कि आरोपी व्यक्ति बुधवार सुबह एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। ओडिशा पुलिस के अनुसार मौके से मिले एक सुसाइड नोट में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
आरोपी की मां का बड़ा खुलासा
मृतक आरोपी मुक्तिरजन प्रताप रे की मां कुंजलता रे ने कहा, 'बेटे ने बताया था कि वह उस महिला के जाल में फंस गया है। वह उससे लगातार पैसे मांगती रही। इस पर मैंने उससे पूछा था कि नौकरी से इस्तीफा देकर वहां (बंगलूरू) से भाग क्यों नहीं जाता। उसने डर के कारण ऐसा किया क्योंकि महिला उससे पैसे मांगती रही।'
पुलिस के अनुसार, आरोपी और महिला एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। यहीं पर वे दोस्त बन गए। दोनों के बीच संबंध थे। 29 वर्षीय महालक्ष्मी उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इस वजह से उनके बीच लगातार बहस होती रहती थी। पुलिस ने कहा कि शादी की बात से नाराज होकर आरोपी ने बंगलूरू के मल्लेश्वरम इलाके के एक फ्लैट में महालक्ष्मी की हत्या कर दी और बाद में उसके शव के 30 टुकड़े कर रेफ्रिजरेटर में रख दिए थे। महालक्ष्मी की मां और बहन जब फ्लैट पर पहुंची तो हत्या के बारे में जानकारी मिली। जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी। उसका पति शहर से दूर एक आश्रम में काम करता है।