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मां और बहन की हत्या: हत्यारोपी बेटे ने भतीजे पर भी हमला किया; कर्ज-बीमारी से था परेशान, खुदकुशी की कोशिश भी की

Mon, 30 Mar 2026 09:08 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

बंगलूरू में कर्ज और बहन की बीमारी से परेशान युवक अपनी मां और बहन की हत्या कर दी। हमले के दौरान उसने अपने 12 साल के भांजे को भी घायल किया और फिर खुदकुशी की कोशिश की। फिलहाल आरोपी और बच्चा अस्पताल में भर्ती हैं।
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक के बंगलूरू से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के अनेकल तालुक के मल्लेनाहल्ली में रहने वाले 26 साल के एक युवक ने कथित तौर पर व्यापार में बढ़ते कर्ज और बहन की गंभीर बीमारी से परेशान होकर अपने ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में युवक की मां और उसकी बहन की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने खुद की जान लेने की भी कोशिश की।
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मृतकों की पहचान 55 साल की आशा और उनकी 32 साल की बेटी वर्षिता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार रात की है। आरोपी मोहन एमआर ने अपनी मां, बहन और 12 साल के भांजे मयंक पर चाकू से हमला किया और उनके गले रेत दिए। इसके बाद उसने खुद का गला भी रेत लिया।

घटना का पता तब चला जब पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने घर से शोर सुना। वे तुरंत घर के पास पहुंचे, लेकिन मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। मोहन के चाचा शेखर ने जब खिड़की से झांका, तो उन्हें फर्श पर खून दिखाई दिया। इसके बाद लोगों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल हुए। वहां आशा और मयंक खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे, जबकि वर्षिता अपनी व्हीलचेयर पर मृत मिली।
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रिश्तेदारों ने देखा कि मयंक और मोहन की सांसें चल रही थीं। इसके बाद उन्हें तुरंत अत्तिबेले के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को नारायण हृदयालय के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस जांच में पता चला है कि मोहन चिट फंड और अन्य व्यवसायों से जुड़ा था। उसे व्यापार में काफी घाटा हुआ था और वह कर्ज के बोझ तले दबा था। उसकी बहन वर्षिता पिछले डेढ़ साल से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी और उसकी हालत बहुत नाजुक थी। वह चलने-फिरने में असमर्थ थी और व्हीलचेयर का सहारा लेती थी। बहन के इलाज के लिए परिवार ने काफी कर्ज लिया था।
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घटना को अंजाम देने से पहले मोहन ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उसने बताया कि कर्ज देने वाले लोग उन पर बहुत दबाव बना रहे हैं और वे इस तनाव को और सहन नहीं कर सकते। उसने यह वीडियो अपने रिश्तेदारों को भी भेजा था। आशा और वर्षिता दोनों गृहिणी थीं। वर्षिता के पति की कुछ साल पहले दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। मोहन के पिता का भी कुछ साल पहले निधन हो चुका था। अत्तिबेले पुलिस ने इस मामले में हत्या और आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।

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