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Bengaluru: इलाज के बहाने डॉक्टर ने बेहोशी का इंजेक्शन देकर पत्नी की जान ली, पुलिस ने जांच के बाद किया खुलासा

Thu, 16 Oct 2025 10:28 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

डॉक्टर महेंद्र पत्नी को लेकर कावेरी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर्स ने कृतिका को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि डॉक्टर महेंद्र रेड्डी ने पत्नी की ऑटोप्सी कराने से भी इनकार किया और इसे लेकर उनकी अस्पताल के डॉक्टर्स से बहस भी हुई। 
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आरोपी डॉक्टर की तस्वीर - फोटो : एक्स/@Indian__doctor
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विस्तार
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कर्नाटक के बंगलूरू में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल शहर के एक सर्जन डॉक्टर को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मृतका भी डॉक्टर थी। आरोप है कि पति ने इलाज के बहाने बार-बार अपनी पत्नी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर मार डाला। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 
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अप्रैल में हुई पत्नी की मौत, अब आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार
आरोप है कि डॉक्टर ने इस साल अप्रैल में अपनी पत्नी की जान ली, लेकिन पुलिस ने आरोपी को अब मंगलवार को गिरफ्तार किया। दरअसल मृतका के पिता ने अपने दामाद पर बेटी की हत्या का आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। डॉ. कृतिका के पिता ने शिकायत में बताया कि डॉ. महेंद्र रेड्डी ने कृतिका से अस्पताल बनाने के लिए अपने घर से पैसा लाने की मांग की थी। हालांकि कृतिका के पिता इतना पैसा नहीं दे पाए। शिकायत के बाद पुलिस ने मृतका के विसरा को फोरेंसिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भेजा, जहां से विसरा सैंपल में एनेस्थीसिया की दवाई मौजूद होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को विक्टोरिया अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी डॉक्टर विक्टोरिया अस्पताल में ही सर्जिकल रेजीडेंट के पद पर तैनात है।

विसरा रिपोर्ट से हुआ खुलासा
पुलिस ने बताया कि आरोपी डॉक्टर महेंद्र रेड्डी जीएस (31 वर्षीय) की मार्च 2024 में डॉक्टर कृतिका रेड्डी (28 वर्षीय) से शादी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक जांच में विसरा रिपोर्ट में प्रोपोफोल की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। यह दवा ऑपरेशन या किसी प्रक्रिया के लिए मरीज को बेहोश करने के लिए एनेस्थीसिया के इंजेक्शन में दी जाती है। पुलिस जांच में पता चला कि डॉक्टर महेंद्र रेड्डी और उनकी पत्नी डॉक्टर कृतिका बंगलूरू के वाइटफील्ड के मुन्नेकोलाल इलाके में रह रहे थे। 24 अप्रैल को डॉक्टर कृतिक की तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश हो गईं। डॉक्टर महेंद्र पत्नी को लेकर कावेरी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर्स ने कृतिका को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि डॉक्टर महेंद्र रेड्डी ने पत्नी की ऑटोप्सी कराने से भी इनकार किया और इसे लेकर उनकी अस्पताल के डॉक्टर्स से बहस भी हुई। 
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हालांकि आपत्ति के बावजूद शव की ऑटोप्सी की गई। साथ ही पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के घर से भी सबूत जुटाए। मंगलवार को पुलिस को ऑटोप्सी की रिपोर्ट मिली, जिसके बाद अप्राकृतिक कारणों से मौत के मामले को हत्या के मामले में बदल दिया गया और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में डॉक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी को पेट संबंधी परेशानी थी और उन्होंने इलाज के लिए एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया। हालांकि एनेस्थीसिया की ओवरडोज देने की बात पर वे कुछ सही जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया। 

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