नाबालिग विदेश में होने के कारण सुनवाई के दौरान डिजिटल माध्यम से गवाही दी। पिछले सप्ताह, बेंगलुरु ग्रामीण जिले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र विशेष अदालत ने मुरुगेसन को पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।
कर्नाटक में बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने दोहा-बेंगलुरु उड़ान में एक नाबालिग से छेड़छाड़ करने के मामले में तमिलनाडु के 51 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई। आरोपी की पहचान अम्मावसाई मुरुगेसन के तौर पर की गई है। अदालत ने उस पर पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पिछले साल जून में मुरुगेसन ने शराब के नशे में विमान में नाबालिग को अनुचित तरीके से छुआ था। नाबालिग की मां ने जब इसका विरोध किया तो फ्लाइट अटेंडेंट ने उनकी सीट बदल दी। विमान के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने के बाद नाबालिग के पिता ने पुलिस को मामले की सूचना दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुरुगेसन को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा आठ के तहत गिरफ्तार किया था, लेकिन उसे 27 जुलाई 2023 को उसे जमानत मिल गई थी।
नाबालिग विदेश में होने के कारण सुनवाई के दौरान डिजिटल माध्यम से गवाही दी। पिछले सप्ताह, बेंगलुरु ग्रामीण जिले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र विशेष अदालत ने मुरुगेसन को पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। अदालत के आदेश में कहा गया कि अगर आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे तीन महीने अतिरिक्त जेल में रहना पड़ेगा। जुर्माने की आधी राशि (पांच हजार रुपये) पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।
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अदालत ने मुरुगेसन को सजा के खिलाफ अपील करने के लिए जमानत दे दी है, क्योंकि सुनवाई के दौरान वह नियमित रूप से उपस्थित रहा और उसका व्यवहार भी सहयोगात्मक था। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 389(3) के तहत, वह अपील की अवधि समाप्त होने तक जमानत पर बाहर रह सकता है।