प्रसिद्ध बंगाली कवि आलोकरंजन दासगुप्ता का जर्मनी में मंगलवार को 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दासगुप्ता के निधन पर दुख जताया है। साहित्य अकादमी से सम्मानित दासगुप्ता का 17 नवंबर यानी कल जर्मनी में निधन हो गया। उनके परिवार ने यह जानकारी दी।
दासगुप्ता दशकों पहले कोलकाता से जर्मनी चले गए थे। उनके परिवार ने बताया कि वह अनेक बीमारियों से पीड़ित थे और रात नौ बजे (जर्मनी के स्थानीय समय अनुसार) उनका निधन को गया।
बनर्जी ने ट्वीट किया कि साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवि एवं अनुवादक आलोकरंजन दासगुप्ता के निधन से दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
दासगुप्ता का जन्म छह अक्तूबर 1933 को कोलकाता में हुआ था। शांतिनिकेतन के विश्व भारती और फिर सेंट जेवियर्स कॉलेज में उनकी शिक्षा दीक्षा हुई। कलकत्ता विश्वविद्यालय से भारतीय कविताओं के बोल पर उन्होंने पीएचडी की।
दासगुप्ता ने कविताओं की 20 से अधिक किताबें लिखी हैं। बाद में वह जर्मनी चले गए और हेडलबर्ग विश्वविद्यालय में उन्होंने अध्यापन कार्य भी किया। उन्हें उनके कविता संग्रह ‘मरमी करात’ के लिए 1992 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।