दिल्ली हिंसा से नाराज होकर बांग्ला अभिनेत्री सुभद्रा मुखर्जी ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि अभिनेत्री मुखर्जी ने साल 2013 में ही भाजपा की सदस्यता ली थी।
सुभद्रा मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल बीजेपी के चीफ दिलीप घोष को अपना इस्तीफा भेजा। मुखर्जी ने कहा कि वह बहुत उम्मीद के साथ बीजेपी में शामिल हुई थीं, लेकिन हाल के घटनाक्रमों से उन्हें निराशा हुई, जो दिखाता है कि बीजेपी अपनी विचारधारा से दूर जा रही है। उन्होंने कहा कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के साथ थीं, जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद में पारित किया लेकिन वह इसे बढ़ावा देने के बीजेपी के तरीके को लेकर वह अब विरोध में हैं।
दिल्ली हिंसा ने मुझे बीजेपी छोड़ने पर मजबूर किया
उन्होंने यह भी कहा कि इसने पूरे देश में अशांति पैदा की है। हम सबको इतने सालों बाद स्वतंत्र भारत में अपनी नागरिकता साबित करने के लिए अपने दस्तावेज क्यों दिखाने चाहिए? मुखर्जी ने कहा कि दिल्ली हिंसा ने आखिकार मुझे मजबूर किया कि मैं पार्टी के साथ बनी नहीं रह सकती। बता दें कि दिल्ली हिंसा में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 200 से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
अभिनेत्री सुभद्रा मुखर्जी ने यह भी कहा कि माहौल नफरत से भरा है। अनुराग ठाकुर और कपिल मिश्रा जैसे पार्टी नेताओं के खिलाफ उनके नफरत भरे भाषणों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मैं ऐसी पार्टी में कैसे रह सकती हूं, जो कार्रवाई चुनकर करे?