पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस शनिवार को कूचबिहार जिले के दिनहाटा में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। यह वही इलाका है, जहां पंचायत चुनाव से पहले 27 जून को गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
राज्यपाल बंगाल के उत्तरी जिलों के दौरे पर हैं, जहां वह मृतक के परिजनों से मुलाकात भी की। हिंसा में घायल हुए लोगों से मिलने वह कूचबिहार के अस्पताल पहुंचे। शनिवार की सुबह राज्य गृहमंत्री
निसिथ प्रमाणिक ने राज्यपाल से सर्किट हाउस में मुलाकात की थी। बोस सीपीएम, कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों से इस हिंसा पर बातचीत की।
मंगलवार को दिनहाटा में हुई गोलीबारी में एक की मौत के अलावा चार अन्य घायल हुए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार पंचायत चुनाव से पहले इस गोलीबारी में संलिप्त चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। राज्यपाल सीवी आनंनद बोस ने मृतक के परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे। प्रमाणिक और विपक्षी दल के नेताओं ने बोस से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि राज्य कानून व्यवस्था बनी रहे।
प्रमाणिक ने पत्रकारों से कहा, 'हम आशा करते हैं कि राज्यपाल इस मामले में जरुरी कदम उठाएंगे, जिससे कि नागरिक अपना वोट दे सकें।' विपक्षी पार्टियों ने कहा, 'हम प्रचार के दौरान अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। साधारण जन-जीवन भी इससे काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा है। हम राज्यपाल से अनुरोध करते हैं कि वह इस मामले में ठोस कदम उठाए।'
कूचबिहार के दौरे पर राज्यपाल ने कहा,'यहां आने के लिए मैंने अपनी सभी यात्राएं रद्द कर दी। मैं पीड़ितों के परिवारवालों से मिलने की कोशिश कर रहा हूं।' बोस के इस दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ पार्टी के नेता ओभांडेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल राज्य के किसी भी कोने में जा सकते हैं, लेकिन उन्हें गैर-पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य करना चाहिए।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार की रात कूचबिहार में हिंसा के ताजा मामले देखने को मिला। ओकराबारी में एक कांग्रेस उम्मीदवार के परिवार के सदस्यों ने सत्तारूढ़ टीएमसी के कुछ उपद्रवियों पर घर में बम फेंकने का आरोप लगाया, जिससे उनके घर में आग लग गई। आग को बुझाने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
राज्यपाल ने गुरुवार को कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, वह उसकी जानकारी के लिए हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना जारी रखेंगे। पिछले महीने पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा के दौरान कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी।