हाल ही में पश्चिम बंगाल के कांथी में भाजपा नेता और नंदीग्राम से विधायक सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी पर नगरपालिका की राहत सामग्री चुराने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। इस एफआईआर को रद्द करने की मांग लेकर सुवेंदु अधिकारी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें सोमवार (14 जून) को कोई राहत नहीं मिली। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी। फिलहाल कोर्ट की तरफ से इस मामले की जांच पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
कभी ममता के रहे खास, अब ममता के ही बन गए धुर विरोधी
गौरतलब है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार ने चुनाव जीतने के बाद सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ राहत सामग्री चुराने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। सुवेंदु अधिकारी पहले टीएमसी के ही नेता थे और ममता बनर्जी के बेहद करीबी भी थे। हालांकि, बाद में उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
सुवेंदु के भाई और पिता को मिली है वाई प्लस सुरक्षा
उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हरा दिया था। वह विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए हैं। चुनाव के बाद से ही भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार ने सुवेंदु के पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी को वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दे रखी है।