पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने पूर्व सरकारी बस चालक मिनार मंडल के घर से करीब 5.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद करने का दावा किया जा रहा है। महम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा बस स्टैंड के पास स्थित मिनार के घर पर मंगलवार रात से शुरू हुई तलाशी बुधवार को भी जारी रही। पुलिस ने बड़ी मात्रा में बरामद नकदी गिनने के लिए नोट गिनने वाली मशीनें मंगाईं। नोटों की गिनती जारी है।
पुलिस के सूत्रों ने क्या बताया?
बीरभूम पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिनार मंडल ने सरकारी बस चालक के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। बताया जा रहा है कि वह स्थानीय पत्थर कारोबारी टुलु मंडल का रिश्तेदार है। पुलिस को संदेह है कि पत्थर खदान से जुड़े कारोबार की बड़ी रकम को जानबूझकर मिनार के घर में रखा गया था, क्योंकि पूर्व सरकारी बस चालक होने के कारण उस पर किसी को शक नहीं होगा। पुलिस और अपराध जांच विभाग की टीम ने बुधवार सुबह छह वाहनों से पहुंचकर घर की तलाशी ली।
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को घेर लिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घर से नकदी और सोने के अलावा रकम गिनने वाली मशीन भी मिली है। टुलु मंडल बीरभूम का चर्चित पत्थर कारोबारी है। वह कभी तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता था। उसके खिलाफ पिछले दो महीनों में चुनाव बाद हिंसा समेत कई शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, वह फिलहाल फरार है।
क्या आरोप है?
रिपोर्टों के मुताबिक, टुलु मंडल लंबे समय तक पत्थर खदानों से जुड़े डीसीआर की रकम वसूली का काम देखता था। उस पर इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। सैंथिया के भाजपा विधायक और राज्य के मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया था कि पहले बीरभूम से कर के रूप में करीब 70 लाख रुपये आते थे, जबकि सत्ता परिवर्तन के बाद यह राशि बढ़कर 2.80 करोड़ रुपये हो गई।
पुलिस क्या जांच कर रही है?
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मिनार मंडल के घर से मिली नकदी और सोने का स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध टुलु मंडल के पत्थर कारोबार से है।हालांकि, बरामदगी और रकम के स्रोत को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।