बंगाल में 2026 चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। टीएमसी और भाजपा आमने-सामने हैं। पानिहाटी सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बयान विवाद का कारण बने। टीएमसी ने ज्ञानेश कुमार को शिकायत देकर भाजपा उम्मीदवार पर ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरे बयान का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेजी से तल्ख होती जा रही है। राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक-दूसरे पर धमकी, भड़काऊ भाषण और आपत्तिजनक टिप्पणियों के गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। मुख्य रूप से देखा जाए तो इस विवाद के केंद्र में आरजी कर पीड़िता की मां और पानिहाटी से भाजपा की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ हैं। वहीं दूसरी ओर टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी हैं, जिनके बयान को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई है।
भाजपा ने चुनाव अधिकारियों से मांग की कि-
कल्याण बनर्जी के खिलाफ आचार संहिता के तहत कार्रवाई हो।
उनका वीडियो हटाया जाए।
भविष्य में ऐसे बयान देने से रोका जाए।
उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
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पानिहाटी सीट क्यों बनी खास?
गौरतलब है कि पानिहाटी सीट इस बार खास चर्चा में है क्योंकि भाजपा ने उस पीड़ित डॉक्टर की मां को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा इसे न्याय और महिला सुरक्षा का मुद्दा बता रही है। वहीं टीएमसी का आरोप है कि भाजपा एक निजी दुख को राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप से साफ है कि चुनावी माहौल काफी कड़ा और व्यक्तिगत होता जा रहा है।