कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से जुड़े कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था को लेकर गठित जांच समिति ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और विधाननगर के पुलिस आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य के मुख्य सचिव ने इसकी जानकारी दी।
साल्ट लेक स्टेडियम के सीईओ डीके नंदन की सेवाएं समाप्त
मुख्य सचिव ने बताया कि मेसी के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने के मामले में विधाननगर के डीसीपी अनीश सरकार को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस मामले में राज्य के खेल सचिव राजेश कुमार सिन्हा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा साल्ट लेक स्टेडियम के सीईओ डीके नंदन की सेवाएं वापस ले ली गई हैं।
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मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था
मुख्य सचिव ने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए राज्य सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और लापरवाही की जांच करेगी।
खेल मंत्री ने पद छोड़ने की इच्छा जताई
इसी विवाद से जुड़े एक अन्य अहम घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने पद छोड़ने के संकेत दिए हैं। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि मेसी इवेंट विवाद के मद्देनजर बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की है। बिस्वास ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर खेल विभाग की जिम्मेदारियों से मुक्त होने का अनुरोध किया है।
कब और किस मामले में उपजा विवाद
13 दिसंबर का दिन कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम के लिए कभी न भूलने वाला बन गया। इस दिन फुटबॉल जगत के सबसे बड़े सितारों में से एक लियोनल मेसी पहली बार कोलकाता में मैदान पर उतरे। हजारों की संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। लोगों ने सिर्फ मेसी की एक झलक पाने के लिए भारी-भरकम टिकट कीमतें चुकाईं, लेकिन जो उम्मीद लेकर आए थे, वही सबसे बड़ी निराशा में बदल गई। मेसी मैदान पर सिर्फ कुछ मिनट ही मौजूद रह सके, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा कारणों से स्टेडियम से बाहर ले जाया गया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।
मेसी के कोलकाता पहुंचे, प्रशंसकों के सब्र का बांध टूटा
जैसे ही लियोनल मेसी मैदान में आए, उन्हें देखने के लिए 100 से ज्यादा लोग एक साथ उनकी ओर दौड़ पड़े। इनमें कई राजनीतिक नेता, गणमान्य व्यक्ति और सुरक्षा कर्मी भी शामिल थे। सुरक्षा घेरा पूरी तरह टूट चुका था। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को दूर से भी मेसी ठीक से नजर नहीं आए। यही वजह रही कि फैंस का गुस्सा बढ़ता चला गया और स्थिति बेकाबू होने लगी। हालात ऐसे बन गए कि आयोजकों को मेसी को मैदान से बाहर ले जाने का फैसला लेना पड़ा।
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मेसी ने भारत से ली विदाई
लियोनल मेसी ने मंगलवार को गुजरात के जामनगर एयरपोर्ट से भारत से विदाई ली। इससे पहले मेसी ने अनंत अंबानी के आमंत्रण पर वंतारा वन्यजीव बचाव और संरक्षण केंद्र का दौरा किया। जामनगर, मेसी के ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम (GOAT) इंडिया टूर 2025 का अंतिम पड़ाव रहा, जिसके साथ उनका बहुप्रतीक्षित भारत दौरा औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
चार शहरों का ऐतिहासिक दौरा
जीओएटी इंडिया टूर 2025 के दौरान मेसी ने भारत के चार प्रमुख शहरों, कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली का दौरा किया। इस ऐतिहासिक यात्रा का ग्रैंड फिनाले 15 दिसंबर को नई दिल्ली में हुआ, जहां भारी संख्या में प्रशंसकों की मौजूदगी ने आयोजन को यादगार बना दिया। यह मेसी का पहला मल्टी-सिटी इंडिया टूर था, जिसने भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह पैदा किया।
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