दक्षिण पूर्वी रेलवे (एसईआर) ने एक बयान में कहा कि अदरा मंडल में कुस्तौर स्टेशन एवं खड़गपुर मंडल में खेमासुली स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया गया है।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कुर्मी समुदाय ने पुरूलिया जिले में दो स्थानों से रेल पटरियों पर से अपना धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया। दक्षिण पूर्वी रेलवे (एसईआर) ने बताया कि पांचवें दिन रविवार को कुर्मी समुदाय ने पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले में दो स्थानों से रेल पटरियों से अपना धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया। ट्रेन सेवाएं बहाल करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
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दक्षिण पूर्वी रेलवे (एसईआर) ने एक बयान में कहा कि अदरा मंडल में कुस्तौर स्टेशन एवं खड़गपुर मंडल में खेमासुली स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया गया है।आंदोलनकारियों ने सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर और रात आठ बजे के बाद कुस्तौर और खेमासुली स्टेशनों से जाम हटाया। बयान में कहा गया है कि रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कोटशिला स्टेशन पर शुरू हुआ आंदोलन भी रात आठ बजे वापस ले लिया गया।
दोनों रेलवे स्टेशनों पर अवरोध के कारण पांच अप्रैल से लेकर अब तक करीब 500 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, जिससे हजारों यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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कुर्मी समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने, सरना धर्म को मान्यता देने, कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।