राज्यपाल ने एसईसी राजीव सिन्हा की ज्वाइनिंग रिपोर्ट लौटा दी। हत्या, हिंसा और झड़पों की घटनाओं को लेकर एसईसी राज्यपाल के सामने पेश होने में विफल रहे, जबकि राज्यपाल चाहते थे कि राजीव सिन्हा राजभवन आए।
पश्चिम बंगाल में राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा का नियुक्ति पत्र प्रदेश सरकार को लौटा दिया है। अनुमान लगाया जा रहा था कि नियुक्ति पत्र लौटाए जाने पर सिन्हा इस्तीफा देंगे लेकिन उनके समर्थन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उतर आई हैं। उन्होंने राज्यपाल के कदम को असांविधानिक और अनैतिक करार दिया है।
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राज्य में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए मतदान होना है। नामांकन के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जमकर हिंसा हुई। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट पहले ही सीबीआई जांच के आदेश दे चुका है। इस संबंध में राज्यपाल ने राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा को चर्चा के लिए बुलाया था, लेकिन चुनाव आयुक्त नहीं आए।
इसके बाद राज्यपाल बोस ने बुधवार को सिन्हा का नियुक्ति पत्र स्वीकार करने से इन्कार कर दिया और इसे वापस राज्य सचिवालय भेज दिया। इससे पहले भी उन्हें एक बार बुलाया गया था, लेकिन काम का हवाला देकर उन्होंने राजभवन आने से मना कर दिया था। सिन्हा को पिछले ही महीने चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया था। वह सितंबर 2019 से सितंबर 2020 तक राज्य के मुख्य सचिव रह चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खास माना जाता है।
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लगभग 74 हजार उम्मीदवार हैं मैदान में
पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव होने हैं। जिला परिषद, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के लिए लगभग 74 हजार उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए पांच करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।