Jitan Ram Manjhi meets JP Nadda
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (HAM) के संस्थापक जीतनराम मांझी ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक में हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन भी मौजूद थे। इससे पहले जीतनराम मांझी ने बेटे संतोष सुमन संग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (हम) आज से भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ है। बिहार में हम मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, मांझी के बेटे संतोष सुमन ने कहा कि भाजपा नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकात काफी सकारात्मक रही। हम साथ मिलकर काम करेंगे और आने वाले समय में शोषितों, वंचितों और दलितों के लिए लड़ेंगे।
आपको बता दें कि जीतनराम मांझी ने हम को जदयू में विलय से इनकार करने के बाद महागठबंधन सरकार से अलग होने का निर्णय लिया था। पिछले हफ्ते हम के इकलौते मंत्री संतोष सुमन ने बिहार मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। बेटे के इस्तीफे के बाद जीतनराम मांझी ने साफ बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हम का जदयू में विलय चाहते थे, लेकिन जब यह पार्टी महागठबंधन में शामिल नहीं थी तो किसी दल के अंदर विलय का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।
16% दलित मतदाताओं पर नजर...
मांझी के बहाने भाजपा की निगाहें राज्य के 16 फीसदी दलित मतदाताओं पर है। दलित मतदाताओं को साधने के लिए पार्टी लोजपा के दोनों धड़े को पहले ही साध चुकी है। चूंकि मांझी की अपने स्वजातीय मतदाताओं में गहरी पैठ है, ऐसे में भाजपा को लोकसभा चुनाव में इससे बड़ा सियासी लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पार्टी ने कुशवाहा बिरादरी में पैठ के लिए उपेंद्र कुशवाहा को तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वजातीय कुर्मी वोट बैंक में सेंध के लिए उनके करीबी रहे आरसीपी सिंह को साधा है।
हम के हिस्से में आएगी एक सीट...
भाजपा सूत्रों का कहना है कि राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से पार्टी इस बार 30 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शेष 10 सीटों में छह सीटें लोजपा के दोनों धड़ों को, तीन सीटें उपेंद्र कुशवाहा को और एक सीट मांझी को दी जाएगी। हालांकि, पार्टी ने भावी परिस्थितियों के अनुरूप एक-दो सीटें छोड़ने की भी गुंजाइश रखी है।