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एक महीने के दार्जिलिंग दौरे पर रवाना हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़

Sat, 31 Oct 2020 10:07 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, कोलकाता
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मालदा स्टेशन पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ - फोटो : twitter.com/jdhankhar1
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ एक नवंबर से शुरू होने वाले दार्जिलिंग के अपने महीने भर के दौरे के लिए उत्तर बंगाल रवाना हो गए हैं। धनखड़ ने कहा कि वह इस दौरान लोगों और प्रशासन से जुड़ेंगे और 'लोगों की उम्मीदों को पूरा करने' की दिशा में काम करेंगे।

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उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया, 'उत्तर बंगाल के लोगों के साथ जुड़ने और उनकी उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में काम करने के लिए ट्रेन में हूं। इस व्यापक यात्रा, पर्यटन, आर्थिक, शैक्षिक क्षमता का उपयोग करने से लोगों के जीवन में सुधार होगा। लोगों और प्रशासन से जुड़ूंगा।'


एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि वह मालदा स्टेशन पर पहुंच गए हैं और भाजपा के मालदा उत्तर से सांसद खगेन मुर्मू के नेतृत्व में स्थानीय लोगों की गर्मजोशी भरी प्रतिक्रिया से अभिभूत है। इससे पहले एक बयान में राजभवन ने कहा था कि धनखड़ एक से 30 नवंबर तक दार्जिलिंग के दौरे पर रहेंगे।
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वह रविवार को सिलीगुड़ी में एक संवाददता सम्मेलन को भी संबोधित करने वाले हैं। इससे पहले राज्यपाल धनखड़ ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने शाह के साथ राज्य के मामलों और स्थिति पर चर्चा की थी।

इस बीच उत्तर बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि धनखड़ कभी भी राज्य के किसी भी हिस्से में जा सकते हैं लेकिन हमें नहीं लगता कि यह एक नियमित यात्रा है। हम इसके उद्देश्य के बारे में आशंकित हैं। हालांकि, भाजपा ने कहा है कि धनखड़ को प्रदेश के किसी भी हिस्से में राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में जाने का अधिकार है।

जनता के सेवक नहीं हो सकते राजनीतिक कार्यकर्ता
धनखड़ ने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल में शासन की स्थिति को लेकर चिंतित हूं, जो कानून व्यवस्था और संविधान से बहुत दूर जा रही है। मैं नहीं चाहता कि राज्य की जनता इस बात की उम्मीद खो दे कि यहां मुक्त और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'मैंने बार-बार यह कहा है कि जनता के सेवक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं हो सकते। अगर ऐसा होता है तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। मैंने वरिष्ठ आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को उनकी 'राजनीतिक टोपी' उतारने और राजनीतिक सैनिक न बनने की चेतावनी दी है।'

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