तृणमूल कांग्रेस नेता बाबुल सुप्रियो ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायक के तौर पर शपथ ग्रहण की। इसी के साथ पिछले कई हफ्तों से शपथ दिलाने को लेकर जारी असमंजस भी खत्म हो गया। दरअसल राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने जोर देकर कहा था कि वह शपथ ग्रहण कराने के लिए विधानसभा के उपाध्यक्ष को नामित करने के अपने फैसले को नहीं बदलेंगे।
भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए गायक-नेता सुप्रियो पिछले महीने बालीगंज विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। उन्हें उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी ने शपथ दिलाई। आमतौर पर राज्यपाल विधानसभा के नए सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए अध्यक्ष को नामित करते हैं लेकिन धनखड़ ने शपथ दिलाने के लिए उपाध्यक्ष के नाम पर फैसला लिया। सुप्रियो ने उन्हें शपथ दिलाने के लिए अध्यक्ष को इजाजत देने की मांग की थी लेकिन राज्यपाल अपने फैसले पर अटल रहे।
उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी ने कहा कि वह विधानसभा के अध्यक्ष की मौजूदगी में सदस्यों को शपथ नहीं दिलाना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ने उन्हें शपथ ग्रहण समारोह करने के लिए मनाया। राज्यपाल हम दोनों के बीच विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। शपथ ग्रहण के बाद सुप्रियो ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी से उनके चैंबर में मुलाकात की।