कोरोना महामारी के बीच चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग पर उठ रहे सवालों के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। आयोग के अफसरों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार काजल सिन्हा की पत्नी नंदिता सिन्हा चुनाव आयोग के खिलाफ पुलिस में पहुंच गई है। नंदिता ने बुधवार को पुलिस में शिकायत देकर भारत निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
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नंदिता सिन्हा ने आरोप लगाया है कि आयोग के अधिकारी कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में विफल रहे हैं और इसी वजह से उनके पति की मौत हुई है। खरदाहा पुलिस थाने में दी अपनी शिकायत में नंदिता सिन्हा ने कहा है कि उनके पति काजल सिन्हा 21 अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और 25 अप्रैल को उनका निधन हो गया।
काजल सिन्हा उत्तर 24 परगना जिले के खरदाहा विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार थे। नंदिता ने निर्वाचन उपायुक्त सुदीप जैन एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 269 एवं 270 तथा 304 के तहत मामला दर्ज किए जाने की मांग की।
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मद्रास हाईकोर्ट ने भी फटकारा था
इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को कोविड-19 की दूसरे लहर के लिए निर्वाचन आयोग को फटकार लगाते हुये संक्रमण के प्रसार के लिए जिम्मेदार बताया था और आयोग को 'सबसे गैर जिम्मेदार संस्थान' करार देते हुए हत्या का मामला दर्ज करने तक की बात कही थी। इसके बाद यह प्रकरण सामने आया है।