सुवेंदु अधिकारी, भाजपा नेता, पश्चिम बंगाल
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भाजपा के रणनीतिकार पश्चिम बंगाल में प्रत्याशियों को लेकर शुक्रवार को भी मंथन कर रहे हैं। गुरुवार देर रात तक चली बैठक में पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, शुभेन्दु अधिकारी समेत तमाम नेता मौजूद थे। शुभेन्दु ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सामने नंदीग्राम से मैदान में उतरने का आत्म विश्वास दिखाया। हालांकि अभी भाजपा ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है, लेकिन उसका भी इरादा ममता बनर्जी को नंदीग्राम में ही कड़ी चुनौती देने का है।
पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी अग्निमित्रा पॉल ने अमर उजाला से बताया कि शुभेन्दु दा को नंदीग्राम से ही मैदान में उतरना चाहिए। बर्दवान क्षेत्र में काफी मजबूत पकड़ रखने वाले जितेन्द्र तिवारी अब भाजपाई हो चुके हैं। उनका भी कहना है कि शुभेन्दु को नंदीग्राम से ही मैदान में उतारना चाहिए। हालांकि जितेन्द्र कहते हैं कि यह निर्णय पार्टी के शीर्ष नेता लेंगे।
भाजपा उपाध्यक्ष राजकमल पाठक कहते हैं कि शुभेन्दु ने भाजपा में शामिल होने के दौरान ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी थी। हालांकि राजकमल पाठक का कहना है कि प्रत्याशी किसे बनाना है, यह काम शीर्ष पार्टी नेतृत्व का है। कोई फैसला सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
भवानीपुर को लेकर भी संवेदनशील है भाजपा
ममता बनर्जी ने पिछला चुनाव भवानीपुर सीट से लड़ा था। हालांकि ममता बनर्जी ने इस बार केवल नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा भवानीपुर में तृणमूल के लिए मजबूत कील-कांटा बिछाना चाहती है। पार्टी के नेताओं को यहां से बाबुल सुप्रियो काफी उपयुक्त लग रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि ऐसा होने के बाद तृणमूल के लिए कूच बिहार, बर्दवान, नार्थ बंगाल में बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। शुभेन्दु अधिकारी के प्रभाव वाले क्षेत्र में भी तृणमूल का संकट बढ़ेगा। इस तरह से तृणमूल की नेता को चुनाव मैदान में घेरकर और आक्रामक प्रचार की रणनीति के सहारे ही जीत के गणित को आसान बनाया जा सकता है।