पश्चिम बंगाल सीआईडी ने 10 अप्रैल को कूचबिहार जिले में वोटिंग के दौरान हुई गोलीबारी की जांच का जिम्मा संभाल लिया है। कूचबिहार के सीतलकूची में सीआईएसएफ जवानों की गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी से कराने का आदेश दिया था।
सीआईडी की एसआईटी के अधिकारी ने कहा, टीम सीतलकूची निर्वाचन क्षेत्र के जोरपटकी में मतदान केंद्र 126/5 का दौरा करेंगे जहां सीआईएसएफ कर्मियों ने ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर हमला करने के बाद गोलियां चला दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों से बात करने और उनके बयान दर्ज करने के अलावा एसआईटी घटना का वीडियो फुटेज भी देखेगी।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ है जिसकी प्रमाणिकता को जांचने के लिए फोरेंसिक जांच करवाई जा सकती है। एसआईटी घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय पुलिस थाने के अधिकारियों और कर्मियों से भी बात करेगी।
गोलीबारी की घटना के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्र पर वोटिंग रद्द कर दी थी और स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए कूचबिहार में नेताओं के प्रवेश पर 72 घंटे की रोक लगा दी थी।
टीएमसी ने दावा किया है कि जिनकी मौत हुई वे पार्टी के समर्थक थे और उन्हें उस वक्त गोली मारी गई, जब वे वोट डालने के लिए लाइन में खड़े थे। टीएमसी प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को ‘नरसंहार’ बताया था।
हाईकोर्ट ने सीआईडी को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सीआईडी को कूचबिहार गोलीकांड की जांच रिपोर्ट उसके समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। जस्टिस टीबीएन राधाकृष्णन और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की पीठ ने घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीआईडी को 5 मई तक रिपोर्ट देने को कहा है।
इसी दिन याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सीआईडी घटना की जांच कर रही है, जिसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। याचिका में गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों को वित्तीय सहायता देने की भी मांग की गई है।