पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए पिछले महीने चुनावी बिगुल फूंका जा चुका था। लेकिन रविवार को कोलकाता में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल रैली के बाद इसमें और तेजी आ गई। आठ चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मुख्य पार्टी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में लगातार जुबानी जंग देखने को मिल रही है। यही नहीं उम्मीदवारों के चयन में भी दोनों तरफ से बड़े-बड़े चेहरों को टिकट दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर सत्ताधारी पार्टी किसी भी तरह से सत्ता हाथ से नहीं जाने देना चाहती है तो वहीं भाजपा भी सरकार बनाने के लिए हर मौके को भुनाने की कोशिश में है। इसी कड़ी में दोनों पार्टियों की तरफ से एक विधानसभा सीट पर दो प्रशासनिक अधिकारी आमने-सामने होंगे और जीत के लिए जोर लगाएंगे।
27 मार्च से शुरू होने वाले चुनाव में एक ऐसी सीट भी है जहां दो पूर्व आईपीएस अफसर एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। हम बात कर रहे हैं डेबरा सीट की जहां तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर को टिकट दिया है तो वहीं बीजेपी ने इस सीट पर भारती घोष को मैदान में उतारा है। कोलकाता से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित इस विधानसभा सीट पर मुकाबला दो पूर्व पुलिस अधिकारियों के बीच होगा।
बीजेपी की तरफ से शनिवार को ही 60 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी गई थी। दो चरण के चुनाव वाली इन सीटों के लिए बीजेपी ने 57 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इन नामों में भारती घोष भी हैं जो पूर्व आईपीएस अधिकारी होने के साथ ही बीजेपी की उपाध्यक्ष भी बनाई गई हैं।
बात करें टीएमसी के प्रत्याशी हुमायूं कबीर पहली बार राजनीति के अखाड़े में उतर रहे हैं जबकि घोष इससे पहले घाटल से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। इसके बाद दो मई को वोटों की गिनती होगी और मंत्रियों की जीत-हार का पता चलेगा।