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RG Kar Case: डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफे का स्वास्थ्य सेवाओं पर असर नहीं; प्रदर्शनकारियों से मिले राज्यपाल बोस

Wed, 09 Oct 2024 06:58 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफे बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दावा किया गया है कि राज्य के तमाम अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। बता दें कि जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में कई वरिष्ठ डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है।
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कोलकाता में जूनियर और वरिष्ठ डॉक्टरों का प्रदर्शन - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को दावा किया कि राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में वरिष्ठ डॉक्टरों की तरफ से जूनियर डॉक्टरों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए दिए गए सामूहिक इस्तीफे से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं हुई हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में चल रहे दुर्गा पूजा उत्सव के कारण बाह्य रोगी विभाग में मरीजों की आमद काफी कम रही, हालांकि वरिष्ठ और जूनियर डॉक्टर, आरएमओ और सहायक प्रोफेसर अपने नियमित कर्तव्यों का पालन करने के लिए पश्चिम बंगाल के अस्पतालों में मौजूद थे।
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जूनियर और वरिष्ठ डॉक्टरों का प्रदर्शन
इसी बीच आज कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में जूनियर और वरिष्ठ डॉक्टरों और नर्सों ने प्रदर्शन किया और आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की।
 
स्वास्थ्य विभाग को सामूहिक इस्तीफे की सूचना नहीं
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, हमें अभी तक डॉक्टरों की तरफ से सामूहिक इस्तीफे के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। सामूहिक इस्तीफे की पेशकश करने का ऐसा कोई मानदंड नहीं है। यदि लोग इस्तीफा देना चाहते हैं, तो उन्हें एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करना होगा। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं क्योंकि आज किसी भी अस्पताल में कोई भी डॉक्टर अनुपस्थित नहीं था।
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डॉक्टरों का दावा करीब 35 डॉक्टरों ने इस्तीफा
कोलकाता मेडिकल कॉलेज रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, कोलकाता में कई डॉक्टरों और संकाय सदस्यों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अपने सहयोगियों का अनुसरण किया, जिन्होंने मंगलवार को सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया था और चिकित्सा शिक्षा निदेशक को अपना सामूहिक इस्तीफा भेज दिया। डॉक्टरों के मंच ने कहा कि सिलीगुड़ी में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के लगभग 35 डॉक्टरों ने भी कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों के विरोध के समर्थन में सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

डॉक्टरों के मंच ने अपने पत्र में की मांग
डॉक्टरों के मंच ने अपने सामूहिक इस्तीफे में कहा कि, हम उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के शिक्षक ऐसी दमनकारी परिस्थितियों में अपनी सेवाएं जारी रखने से निराश और हतोत्साहित हैं। जबकि हमारे छात्र और जूनियर आपदा के कगार पर खड़े हैं, हम उच्च अधिकारियों से उनकी मांगों को संबोधित करने और बिना किसी देरी के इस संकट का समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। हालांकि, अब तक ऐसा कोई प्रयास नहीं देखा गया है, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया पश्चिम बंगाल चिकित्सा शिक्षा सेवा से हमारा इस्तीफा स्वीकार करें।

'इस्तीफों का उद्देश्य राज्य सरकार पर दबाव डालना'
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनीत हाजरा ने बताया कि इस्तीफों का उद्देश्य राज्य सरकार पर दबाव डालना था, जो जूनियर डॉक्टरों की चल रही भूख हड़ताल के दौरान चुप रही है। उन्होंने कहा, हमारा इस्तीफा प्रतीकात्मक है, जिसका उद्देश्य सरकार को चर्चा में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। हम नहीं चाहते कि मरीजों को परेशानी हो। हम उनका इलाज कर रहे हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे, क्योंकि यह हमारा कर्तव्य है और हम नैतिक रूप से ऐसा करने के लिए बाध्य हैं।

त्योहारों के दौरान अस्पतालों के कामकाज के तरीके के बारे में बताते हुए, डॉ. सुनीत हाजरा ने कहा कि ड्यूटी रोस्टर को इस बात को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है कि हर कोई त्योहारों का हिस्सा बन सके। इसलिए, हम जानते हैं कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में उसकी जगह कैसे ली जाए। अस्पतालों में, डॉक्टर के लिए हमेशा एक बैकअप होता है। अगर कोई अनुपस्थित है, तो हम उसे तुरंत बदल सकते हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।


सीबीआई ऑफिस पहुंचा डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल
वहीं कोलकाता में डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल सीबीआई विशेष अपराध शाखा कार्यालय पहुंचा था, जानकारी के मुताबिक डॉक्टर अपनी मांगें सौंपने के लिए सीबीआई विशेष अपराध शाखा कार्यालय पहुंचा था।
 

डॉक्टरों से मिले राज्यपाल, आमरण अनशन वापस लेने की अपील की
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता के लिए न्याय और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा की मांग पर कोलकाता के धर्मतला में आमरण अनशन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों से बुधवार शाम में धरना मंच पर जाकर मुलाकात की। राज्यपाल ने आमरण अनशन पर बैठे सातों जूनियर डॉक्टरों से भूख हड़ताल वापस लेने की अपील की। राज्यपाल बोस ने कहा, मैं डॉक्टरों से अनुरोध करता हूं कि कृपया अपनी भूख हड़ताल वापस लें। वे न्याय चाहते हैं, उन्हें न्याय मिलेगा, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। यह नागरिक समाज का कर्तव्य है और हम इसके लिए मिलकर काम करेंगे। मैं सरकार में अपने वरिष्ठ सहयोगियों के संपर्क में रहूंगा और मैं उनके साथ डॉक्टरों द्वारा उठाई गई मांगों पर चर्चा करूंगा और हम निश्चित रूप से कोई रास्ता निकालेंगे।
 
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दिल्ली में डॉक्टरों ने आरजी कर केस के खिलाफ किया प्रदर्शन
इधर देश की राजधानी दिल्ली में भी रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए), एम्स ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला।
 
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