भाजपा सांसद मौमित्र खान ने कहा कि ग्रामीण चुनाव में बूथ स्तर पर मुकाबला टीएमसी बनाम सबका होना चाहिए। हम केवल टीएमसी को हराना चाहते हैं, और कोई भी या कोई भी ताकत जो टीएमसी के खिलाफ लड़ने को तैयार है, हाथ मिला सकती है।
पश्चिम बंगाल में अगले साल पंचायत चुनाव होने वाले हैं। वहीं, इन चुनावों के लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा ने अभी से रणनीति बनानी शुरू तक दी है। इसी क्रम में मंगलवार को भाजपा सांसद सौमित्र खान ने मंगलवार को कांग्रेस और वाम मोर्चा समेत सभी विपक्षी दलों से तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए भगवा खेमे से हाथ मिलाने का आग्रह किया। हालांकि कांग्रेस और वाम मोर्चे ने भाजपा के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इन दोनों दलों ने कहा कि भाजपा और टीएमसी को एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वहीं, सत्तारूढ़ टीएमसी ने इसे लेकर राज्य में विपक्षी दलों पकर तंज कसा है। सत्तारूढ़ टीएमसी ने दावा किया कि भाजपा नेता सौमित्र खान की अपील ने साबित कर दिया कि पश्चिम बंगाल में तीनों दलों की एक मौन समझ है।
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भाजपा सांसद ने दिया साथ आने का न्यौता
भाजपा सांसद मौमित्र खान ने कहा कि ग्रामीण चुनाव में बूथ स्तर पर मुकाबला टीएमसी बनाम सबका होना चाहिए। हम केवल टीएमसी को हराना चाहते हैं, और कोई भी या कोई भी ताकत जो टीएमसी के खिलाफ लड़ने को तैयार है, हाथ मिला सकती है। अगर बूथ स्तर पर कोई तृणमूल कांग्रेस को हरा सकता है और उसे हमारे समर्थन की जरूरत है तो हम उसका समर्थन करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा सांसद का यह बयान पूर्व मेदिनीपुर और राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में सहकारी चुनावों में विपक्षी दलों की जीत के बाद आया है।
कांग्रेस ने किया खारिज
वहीं, उनके इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सबसे पुरानी पार्टी कभी भी भगवा खेमे से हाथ नहीं मिलाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हम टीएमसी के खिलाफ लड़ रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम भाजपा से हाथ मिला लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे लिए तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों एक ही तरह हैं। और दोनों ही बंगाल के लिए गंभीर खतरा हैं।
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माकपा बोली- कोई सवाल ही नहीं उठता
वहीं, माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने कांग्रेस की भांति ही प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष ताकतें निकट भविष्य में टीएमसी और भाजपा दोनों को हरा देंगी। उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी और बीजेपी एक ही सिक्के के दोनों पहलू हैं। जो कुछ साल पहले तक टीएमसी के नेता थे, वे अब भाजपा के नेता हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है, इसलिए भाजपा से हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं उठता।
टीएमसी ने किया पलटवार
भाजपा सांसद के इस बयान के बाद सत्तारूढ़ टीएमसी ने भी पलटवार किया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता तापस रे ने कहा कि दावा किया कि बिल्ली अब बैग से बाहर आ गई है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आ गई है। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद से हम कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में वामपंथी, कांग्रेस और भाजपा की एक मौन समझ है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता तापस रे ने कहा कि सौमित्र खान ने हमें सही साबित किया है।