पश्चिम बंगाल में छठे चरण के चुनाव के लिए नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसी कड़ी में भाजपा का चुनाव प्रचार अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को भाजपा के कई दिग्गज नेता पश्चिम बंगाल में प्रचार करने में जुटे हुए हैं। गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा समेत कई नेता यहां पर अपने प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। शाह ने ममता बनर्जी पर दलित मतुआ के लोगों को नागरिकता नहीं देने का आरोप लगाया।
नागरिकता के लिए बनेगा फंड- अमित शाह
नदिया जिले के तेहट्टा में अमित शाह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जो 70 साल से यहां आए हैं, वो अपने ही देश में शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं, जबकि घुसपैठियां यहां बड़ी संख्या में रह रहे हैं, ये हमारे युवाओं की नौकरी खा रहे हैं, गरीबों के अनाज पर इनकी नजर हैं, यहां की संसाधनों पर ये कब्जा जमा चुके हैं। बंगाल समेत पूरे देश में बड़ी संख्या में घुसपैठिए रह रहे हैं। आखिर उनकी पहचान कर यहां से क्यों नहीं भगाया जाए । शाह ने कहा कि मतुआ और नामशूद्र परिवार यहां 50-70 सालों से रह रहे हैं, तीन पीढ़ियों से। लेकिन दीदी कहती हैं कि उन्हें नागरिकता नहीं मिलेगी, क्यों? क्योंकि उनके वोट बैंक को यह पसंद नहीं आएगा।” शाह ने कहा कि राज्य में अगर भाजपा सत्ता में आई तो इन समुदायों के कल्याण के लिये 100 करोड़ रुपये का एक कोष बनाया जाएगा।
राहुल गांधी पर्यटक नेता
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ‘‘पर्यटक नेता’’ करार दिया। कांग्रेस यहां वाम दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है जबकि केरल में उनकी पार्टी वाम दलों के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। शाह ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद एक पर्यटक नेता आए हैं और हमारे डीएनए पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा का डीएनए विकास, राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भर भारत है।”
ममता पर गरजे नड्डा
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने ममता सरकार को आड़े हाथ लिया। नड्डा ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने सुना था कि ममता जी मां, माटी और मानुष की बात करती थी। लेकिन 10 साल में हमने देखा कि न मां की चिंता हुई, न माटी की रक्षा हुई और न ही मानुष की रक्षा हुई।