केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पोषण 2.0 योजना के तहत एक अगस्त से बायोमेट्रिक सत्यापन से लाभार्थियों का पंजीकरण होगा, ताकि सेवाएं बेहतर हो सकें। उन्होंने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के लिए तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की अपील की।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को कहा कि केंद्र की पोषण 2.0 योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण एक अगस्त से बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से किया जाएगा, ताकि बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। पोषण 2.0 एक एकीकृत पोषण समर्थन कार्यक्रम है, जो बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण की चुनौतियों को हल करने का प्रयास करता है।
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अन्नपूर्णा देवी ने मंत्रालय की ओर से गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में आयोजित क्षेत्रीय बैठक में कहा कि सक्षम आंगनवाड़ी के तहत पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर शासन के लिए चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरसी) जैसे तकनीकी उपकरणों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और पुरुषों के लिए समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य के लिए 2025-26 के केंद्रीय बजट में 49 मंत्रालयों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों ने मिलकर 273 योजनाओं के लिए 4.49 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, एक महत्वपूर्ण अपडेट के रूप में पोषण 2.0 के तहत एक अगस्त से लाभार्थी पंजीकरण बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे बेहतर लक्षित सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी। इसके अलावा, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 को समर्पित मॉड्यूल विकसित किए गए हैं, जो आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे, ताकि देश के सभी राज्य, जिला और क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए ज्ञान और क्षमता निर्माण का ढांचा मजबूत किया जा सके।
इसमें आगे कहा, मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आह्वान किया कि वे शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करें, आंगनवाड़ियों में समय पर सेवाएं सुनिश्चित करें और लाभार्थियों को प्रभावी तरीके से लक्षित करें। उन्होंने किशोरियों और युवा माताओं के बीच डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने पोषण हेल्पलाइन जैसे प्लेटफार्म को शिकायत केंद्रों से नागरिक सगाई और सेवा गुणवत्ता सुधार के प्लेटफार्म में परिवर्तित करने की अपील की। उन्होंने मिशन शक्ति के तहत वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 के विस्तार की सराहना की और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत आधार-सक्षम प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की कि वे नए लॉन्च किए गए मिशन वात्सल्य पोर्टल को नियमित कार्यों में शामिल करें, ताकि रियल टाइम में डाटा एंट्री और प्रदर्शन की निगरानी की जा सके।