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CPEC के बहाने कश्मीर मुद्दे पर हस्ताक्षेप करना चाहता है चीन

Tue, 02 May 2017 11:35 AM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
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भारत-चीन संबंध (प्रतीकात्मक) - फोटो : InShorts
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यह बात अब खुल कर सामने आ गई है कि चीन CPEC यानी चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए कश्मीर मुद्द पर हस्तक्षेप करने वाला है। चाइनीज मीडिया के अनुसार यह मार्ग चीन के लिए कश्मीर के दरवाजे खोलेगा और भारत की आशंका के अनुसार इस मसले में दखल देगा। जब चीन ने इस कॉरिडोर में निवेश करने का मन बनाया था, तभी से भारत को इस पर ऐतराज था क्योंकि ऐसा करने से वो कश्मीर में देगा।
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चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स में लिखा गया, "चीन 'वन बेल्ट, वन रोड' (ओबोर) में भारी निवेश कर रहा है, इसके अलावा अब वो इस क्षेत्र में आने वाले मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करेगा। इसमें कश्मीर मुद्दा भी शामिल है।"

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओबोर परियोजना एशिया में एक नया सिल्क रूट बनाने जा रही है। इसके जरिए चीन एशिया को अफ्रीका और यूरोप से भी जोड़ेगा जिसमें अरबों डॉलर का निवेश किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत रोड के अलावा रेल, पोर्ट और पावर नेटवर्क का भी निर्माण होगा। इस लेख के अनुसार, चीन न सिर्फ देशों के आंतरिक मामले में दखल देगा, बल्कि दूसरे देशों के लिए कूटनीति भी तैयार करेगा।
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आसान नहीं है चीन की राह

भारत-चीन संबंध (प्रतीकात्मक) - फोटो : Madhyamam
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं कि चीन कश्मीर मुद्दे पर किस तरह से अपनी और किस पक्ष में अपनी राय रखेगा। जहां तक भारत की बात है तो उसका कहना है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का मसला है, वहीं पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर कश्मीर का रोना रो चुका है। हालांकि, चीनी अखबार ने स्पष्ट किया कि वो भारत के रुख को लेकर बेपरवाह है। उसने कहा कि यह चीन के लिए 'प्रमुख' मुद्दा बन जाएगा। चीन ने इस परियोजान में बड़ा खर्च किया है।

अखबार का तर्क है कि चीन ने हाल ही में बांग्लादेश और म्यांमार के बीच रोहिंग्या मुद्दे पर सफलतापूर्वक हस्तक्षेप किया। CPEC का रास्ता पाक अधिकृत कश्मीर के गुजरता है और भारत अपनी संप्रभुता और एकता को लेकर चीन को चेतावनी देता रहा है। चीन का कहना है कि यही वजह है कि भारत इस योजना से दूरी बनाए हुए हैं।

हालांकि, इस अखबार ने यह भी माना की चीन के लिए कश्मीर मुद्दे पर दखल देना इतना भी आसान नहीं होगा। इसकी एक बड़ी वजह है कि इस क्षेत्र में चीन के बाद भारत सबसे बड़ी ताकत है और आर्थिक स्तर पर काफी मजबूत भी है। इसके अलावा चीन को कश्मीर मुद्दे पर कदम उठाने से पहले दूसरे देशों से अपने संबंधों पर भी गौर करना होगा।
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