देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने की कवायद में जुटी भाजपा सरकार ने 1 मई से गाड़ियों पर लाल बत्ती पर रोक लगा दी है। अपने रुतबे में इसे सेंध मानने वाले नेता लाल बत्ती का मोह और अपनी ठाठ छोड़ने को राजी नहीं। इस तरह नेताओं ने इसका विकल्प भी ढूंढ ही निकाला। कई राज्यों में नेताओं ने इसके काट के रूप में अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती की जगह सायरन का इस्तेमाल करने शुरु कर दिया है।
मध्यप्रदेश और तेलंगाना से शुरू हुई यह नई 'परंपरा' अब धीरे-धीरे दूसरे राज्यों के नेता भी अपनाने वाले हैं। खास बात यह है कि सायरन पहले से ही नियनों के खिलाफ हैं और आम लोगों को इसका ध्वनि प्रदुषण ज्यादा परेशान कर रहा है। मगर नेता फिर भी तमाम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
मध्यप्रेदश के कुछ नेताओं में बेमन से ही सही, मगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नक्शे कदम पर चलते हुए लाल बत्ती तो हटा ली, मगर इसके बाद अपनी गाड़ी में हूटर लगा लिए। सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स के किसी भी वाहन को इसकी इजाजत नहीं देते। सेक्शन 119 के तहत सिर्फ ऐम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुसिल वाहन और कंस्ट्रक्शन व्हीकल्स को इसकी अनुमति है। आरटीओ ने जवाब दिया कि नेताओं को इसका अधिकार नहीं है। जो लोग ऐसा करेंगे उन पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।