छात्रों को परीक्षा के तनाव से दूर रहने की मोदी सर की क्लास अब सिनेमाघरों व मल्टीप्लेक्स में भी चलेगी। फिल्म शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित एग्जाम वारियर्स पर आधारित दो से तीन मिनट की डॉक्यूमेंटरी दिखायी जाएगी। खास बात यह है कि इस डॉक्यूमेंटरी में छात्रों, अभिभावजों व शिक्षकों के नाम संदेश होगा, जिसमें परीक्षा को एक उत्सव या त्योहार की तरह मनाने की बात कही होगी।
केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, भारत में किसी भी प्रकार की परीक्षा एक हौव्वा बना दिया गया है। अभिभावक छात्रों पर परीक्षा में अच्छे अंक लेने का तनाव देते हैं। क्योंकि सोसायटी में परीक्षा परिणाम के आधार पर उनके परिवार का आंकलन होगा। पहले दसवीं, 12वीं बोर्ड और फिर आईआईटी या मेडिकल में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का तनाव। जबकि बच्चे पेरेंट्स व सोसायटी के प्रेशर से तनाव में आ जाते हैं।
इस डॉक्यूंटरी में इन्हीं प्रेशर से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। इसमें पेरेंट्स से आप अपनी आकांक्षाओं और अपने जीवन में जो खुद न बन पाएं हों, उसका बोझ न लादें। वहीं, शिक्षकों को अपने छात्र को किताबी शिक्षा से परे जीवन से जुड़ी चीजों के बारें समझाने का आग्रह किया गया है। उन्हें समाज व देश के प्रति जिम्मेदारी भी समझाएं।
छात्रों को सलाह: प्रतिस्पर्द्धा दूसरों से नहीं, खुद से करें
प्रतिस्पर्द्धा दूसरों से नहीं, बल्कि खुद से करें। यह आपके व्यक्तित्व की नहीं, मौजूदा तैयारियों का मूल्यांकन है, इसलिए टेंशन न लें। हंसते हुए परीक्षा देने जाएं और मुस्काराते हुए बाहर निकलें। सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के लिए खुद को आराम भी दें। प्रस्तुति कामयाबी की कुंजी है, इस पर फोकस करें। जिंदगी एक सत्त प्रक्रिया है, एक यात्रा खत्म तो दूसरी शुरू होती है। हालांकि फिर भी परेशान हो तो लंबी सांस लें और योग को अपने जीवन में शामिल करें।