प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगामी चार सालों में तैयार किए जाने वाले 24 मेडिकल कॉलेजों की सूची जारी कर दी है। इसमें सबसे ज्यादा आठ मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश में बनेंगे। जबकि दूसरे नंबर पर बिहार और पश्चिम बंगाल है, जहां पांच-पांच मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का फैसला लिया है। इनके अलावा झारखंड में दो, मध्यप्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और सिक्किम में एक-एक बनाए जाएंगे। मंत्रालय के मुताबिक, इन कॉलेजों के बनने के बाद देश में हर तीसरे लोकसभा क्षेत्र में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा। साथ ही इसकी वजह से यूजी और पीजी सीट भी बढ़ जाएंगी। जिसके बाद डॉक्टरों की कमी पर राहत मिल सके।
दूसरे चरण में बनेंगे मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह सभी मेडिकल कॉलेज दूसरे चरण में बनाए जाएंगे। वर्ष 2022 तक मेडिकल कॉलेजों को शुरू कर दिया जाएगा। ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि देश में हर साल 52,715 छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर बनते हैं। जबकि इनमें से करीब 25 हजार छात्र पीजी में प्रवेश लेकर आगे की पढ़ाई करते हैं। यही वजह है कि सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाने के लिए 10 हजार यूजी और 8 हजार पीजी सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है।
उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का कहना है कि लंबे समय से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा था। जिसे अंतिम रूप आयुष्मान भारत के जरिए दिया गया है। 24 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ यूजी और पीजी सीटें बढ़ाने से काफी राहत मिलेगी।