जिस तरह के खुफिया अलर्ट आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पाकिस्तान कॉरिडोर के जरिए भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने का हर संभव प्रयास करेगा। बीएसएफ ने कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए एक बटालियन मांगी थी, लेकिन अभी तीन कंपनियां ही पहुंची हैं। वाहनों की जांच, चेहरे पहचानने वाले यंत्र, जैमर, सीसीटीवी, रेडिएशन का पता लगाने वाले उपकरण और ड्रग्स एवं विस्फोटक सामग्री की टोह के लिए जो कुछ चाहिए, वह सब नहीं मिला है। साथ ही पाकिस्तान ने ये कह कर सुरक्षा बलों की चिंता और ज्यादा बढ़ा दी है कि वह सिख संगत के साथ किसी भी सरकारी एजेंसी जैसे आईबी या दूसरे किसी विभाग के स्टाफ को करतारपुर स्थित गुरुद्वारे और पैसेंजर टर्मिनल तक जाने की इजाजत नहीं देगा।
बीएसएफ के सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान स्थित करतारपुर गुरुद्वारे में आईएसआई और दूसरी लोकल एजेंसियों के लोगों का जमावड़ा रहेगा। वहां जाने वाली सिख संगत को गुमराह करने का प्रयास होगा। इसके लिए पाकिस्तानी आईएसआई नकली धर्म गुरुओं का सहारा ले सकती है। वे सिख धर्म के अनुयायियों का वेश धारण कर सिख संगत के लोगों को भारत के दूसरे समुदायों के खिलाफ भड़काएंगे। उन्हें 1984 के दंगों की याद दिला सकते हैं। इसके लिए वे झूठी प्रचार सामग्री और सोशल मीडिया का सहारा लेंगे, ऐसी पूरी संभावना है।
भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि गुरुद्वारे में पहुंचने वाला कोई व्यक्ति अगर आईएसआई के बहकावे में आ गया, तो वे उसे अपना स्लीपर सेल बनाने में देर नहीं लगाएंगे। ऐसे मामलों में स्लीपर सेल को एक चिप दे दी जाती है। वह उसकी मदद से आईएसआई के साथ किसी भी समय संपर्क कर सकेगा। इतना ही नहीं, इस बात के भी पूरे आसार हैं कि वे अपना सिमकार्ड हमारे देश में पहुंचा दें। एक अधिकारी के मुताबिक, आजकल जिस तरह के माइक्रो सिम आ रहे हैं, उन्हें आसानी से बालों में छिपाकर लाया जा सकता है। एक बार पाकिस्तानी सिम हमारे देश में पहुंच जाएगा, तो उसका किस तरह दुरुपयोग होगा, इसका अंदाजा सुरक्षा एजेंसियों को है।
ड्रग्स की तस्करी और दूसरे छोटे उपकरणों को सीमा पार ले जाना और लाना, ये सब भी शुरु होने के आसार हैं। करतारपुर में आईएसआई रुपयों की मदद से या दूसरी सुविधाएं देकर भी अपना काम निकाल सकती है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने भारत सरकार की वह मांग अस्वीकार कर दी है कि करतारपुर कॉरिडोर के जरिए गुरुद्वारे तक पहुंचने वाली संगत के साथ कोई भारतीय अधिकारी भी जाएगा। यहां तक कि अभी पाकिस्तान ने किसी भी ऐसे व्यक्ति को, जिसने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उसे इमीग्रेशन सेंटर या पैसेंजर टर्मिनल तक जाने की इजाजत नहीं देने की बात कही है।