असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए राज्य की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा कि राज्य भाजपा ने सुझाव दिया था कि असम में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री सरमा 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ें, लेकिन मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें मना कर दिया।
उस समय सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री थे। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सरमा मुख्यमंत्री बने और सोनोवाल राज्यसभा के लिए चुने गए और बाद में केंद्रीय मंत्री बने।
मोदी पर एक किताब का विमोचन करते हुए सरमा ने कहा, ''यह लोकसभा चुनाव (2019) के लिए टिकट वितरण का समय था। हमारी राज्य समिति ने सुझाव दिया कि मैं चुनाव लड़ूं।"
सरमा ने आगे बताया कि उस रात उन्होंने मोदी और शाह के साथ निजी तौर पर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें असम में राजनीति को जारी रखने के लिए कहा। उस समय मोदी प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल चाह रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी जी ने कहा कि लोकसभा सीट के हिसाब से उत्तर पूर्व इतना महत्वपूर्ण नहीं है। चुनावी राजनीति के लिए यह जरूरी नहीं है, बल्कि देश के विकास के लिए उत्तर पूर्व की प्रगति जरूरी है। उत्तर पूर्व को विकास के शीर्ष स्तर पर ले जाने के लिए, वह चाहते थे कि हम इस क्षेत्र को न छोड़ें और यहां काम करना जारी रखें।