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Beed Mosque Blast: बीड में धार्मिक स्थल पर विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई, दो गिरफ्तार व्यक्तियों पर UAPA लगा

Sun, 06 Apr 2025 08:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के बीड जिले में 30 मार्च को एक मस्जिद में कथित तौर पर जिलेटिन की छड़ों से विस्फोट हो गया था। पुलिस के मुताबिक, इसे एक व्यक्ति ने धार्मिक स्थल में रखा था। जियोराई तहसील के अर्धा मसला गांव में सुबह करीब 2.30 बजे विस्फोट हुआ। इसमें में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट से ढांचे का अंदरूनी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। विस्फोट के सिलसिले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 
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Beed Blast - फोटो : PTI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के बीड जिले में एक मस्जिद में विस्फोट के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार दो व्यक्तियों के खिलाफ आतंकवादी कृत्य के लिए कठोर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा लगाई है। 

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क्या है मामला?
ईद-उल-फितर से ऐन पहले जियोराई तहसील के अर्ध मसला गांव में मस्जिद में जिलेटिन की छड़ों के जरिए विस्फोट हुआ था। विस्फोट कथित तौर पर जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच विवाद के बाद हुआ था। हालांकि, विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन ढांचे का आंतरिक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने धमाके के कुछ घंटों के अंदर ही स्थानीय निवासी विजय राम गव्हाने (22) और अशोक सागड़े (24) को गिरफ्तार किया था।

पहले इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
बीड पुलिस ने शुरू में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें 298 ( धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण काम करना) और 196 (दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) शामिल हैं।
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यूएपीए के तहत जमानत भी मुश्किल
एक अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने अब बीएनएस धारा 113 (आतंकवादी कृत्य) और यूएपीए धारा 15, 16 और 18 को लागू किया है, जो आतंकवादी कृत्य, आतंकवादी घटना के लिए सजा और साजिश से संबंधित हैं। यूएपीए के तहत जमानत भी मुश्किल हो जाती है। गिरफ्तार किए गए लोग अब भी पुलिस हिरासत में हैं।

लोगों ने इमारत की मरम्मत करने का फैसला किया था
घटना के बाद गांव के लोगों ने सद्भावना का परिचय दिया था। एक ग्रामीण ने बताया था कि गुड़ी पड़वा त्योहार के दौरान लोग धार्मिक स्थल के पास हजरत सैयद बादशाह दरगाह पर जाते हैं। रविवार की सुबह गुड़ी पड़वा और रमजान ईद का संयुक्त उत्सव मनाया जाना था। विस्फोट में धार्मिक स्थल के अंदर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन दशकों से सद्भावनापूर्वक रह रहे स्थानीय लोगों ने इमारत की मरम्मत करने का फैसला किया। एक अन्य ग्रामीण ने बताया था कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नई टाइलों से की गई। उन्होंने बताया था कि सुबह गांव में शांति समिति की बैठक भी हुई।

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