पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के विचार को ‘सुंदर अवधारणा’ करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि इसे लागू करने से पहले नीति बनानी पड़ेगी और कई तरह के मुद्दों का समाधान तलाशना होगा।
कुरैशी ने शनिवार को कहा कि अगर सरकार सीआरपीएफ व अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिक बटालियनों का इंतजाम करती है, तो चुनाव आयोग चुनाव कराने में लगने वाले समय को कम कर सकता है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर आयोजित सेमिनार में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने उस दावे को अतिशयोक्ति करार दिया जिसमें कहा जाता है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने पर नीतिगत जड़ता आ जाती है।
कुरैशी ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारों को किसी नई नीति की घोषणा नहीं करनी चाहिए, जिससे कि सभी को समान अवसर मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि आखिर सरकारें चार साल 11 महीने में नई नीतियों की घोषणा क्यों नहीं करती। वह चुनाव आचार संहिता के लागू होने का इंतजार क्यों करती हैं।