हामिद ने कहा कि तीन चीजें नहीं करनी चाहिए। पहला फेसबुक के जरिए इश्क नहीं करना चाहिए। दूसरा पाकिस्तान नहीं जाना चाहिए और तीसरा अच्छा हो या बुरा जो भी हो अपने मां-बाप को बताना चाहिए। उसने दिमाग से नहीं, दिल से पाकिस्तान जाने का फैसला लिया था। उसने जिस लड़की के लिए इतना बड़ा खतरा मोल लिया उसके दीदार भी नहीं हुए। उल्टा उसे धोखा मिला।
जिन लोगों को वह अपना साथी समझता था उन्होंने फर्जी कार्ड दिए और कहा कि इससे वह बच जाएंगे लेकिन, उन्हीं लोगों ने पकड़वा दिया। हामिद ने कहा कि अब वह अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से जीना चाहते हैं। उनकी कोशिश फिलहाल नौकरी पाने और उसके बाद शादी करने की है।
सुषमा दखल नहीं देतीं तो नामुमकिन थी जल्द रिहाई
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से हामिद के पिता निहाल अंसारी की मुलाकात करवाने वाले भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णा हेगड़े ने कहा कि विदेश मंत्रालय के दखल के बाद उसकी जल्द रिहाई सुनिश्चित हो सकी। हेगडे़ ने खुद निहाल अंसारी को दो बार विदेश मंत्री से मिलवाया था। उन्होंने बताया कि हामिद की मदद कई लोगों ने अपने स्तर पर की लेकिन, विदेश मंत्रालय के दखल से जल्द रिहाई हुई।