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झुलसाती गर्मी के बीच धुंध से भी रहना होगा सावधान, पराली-जंगलों की आग है वजह

Tue, 29 May 2018 04:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तैयार रहिए स्मॉग का खतरा बहुत तेजी से दिल्ली की तरफ बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में पंजाब में पराली जलाने से वातावरण में तेजी से स्मॉग बढ़ा है। लेकिन स्मॉग की वजह सिर्फ पराली नहीं बल्कि तेजी से जंगलों में लगी आग भी है। यही नहीं यह पराली रेलवे के लिए भी खतरा बनती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से रेलवे ट्रैक के आस-पास पराली जलाए जाने की वजह से दो दर्जन से अधिक ट्रेने प्रभावित हुईं। यहां तक की आग इतनी अधिक थी कि फायर ब्रिगेड के आने तक ट्रेन को रोक कर रखा गया। 

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पराली के जलाए जाने और जंगलों में लगी आग से सिर्फ दिल्ली की हवा या देश की हवा ही नहीं जहरीली हो रही है बल्कि इससे तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। प्रदूषण और बढ़ते तापमान के बारे में कुछ दिनों पहले नासा ने अपने अध्ययन में खुलासा किया है।

नासा ने बताया कि दिल्ली के प्रदूषण और देश में तेजी से बढ़ते तापमान की वजह सिर्फ जगह जगह जलाई जा रही पराली नहीं बल्कि तेजी से जंगलों में फैली आग भी है। हालांकि, नासा ने शोध में खुलासा किया है कि पराली जलाए जाने से दिल्ली की हवा जहरीली हो रही है और यह अपने घातक स्तर पर पीएम 2.5 स्तर पर पहुंच रही है। यही नहीं भारत के बड़े हिस्सों में लगी आग की वजह से ही गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ता है इसका खुलासा भी नासा ने एक तस्वीर जारी कर बता चुका है। तस्वीर जारी कर नासा ने कहा था कि इसी वजह से भारत में गर्मी के मौसम में तेजी से तापमान बढ़ रहा है। 
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तस्वीर में बताया गया था कि यह आग उत्तर प्रदेश (यूपी), मध्य प्रदेश (एमपी), महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और यहां तक कि कुछ दक्षिणी राज्यों के जंगलों में फैली हुई थी। गर्मी के मौसम में ये आग तापमान को और बढ़ा रही हैं और ब्लैक कार्बन प्रदूषण का कारण बन रही हैं। ब्लैक कार्बन कालिख का एक हिस्सा है और ग्लोबल वार्मिंग का बड़ा कारण है। 

नासा के वैज्ञानिकों ने बताया था कि मध्य भारत में आग ज्यादातर फसल की आग हो सकती है क्योंकि जंगल की आग आमतौर पर अनियंत्रित होती है और इसलिए अधिक धुंआ और धुंध (स्मॉग) पैदा करती है। पहले स्मॉग का असर सर्दियों में दिखाई देता था लेकिन अब यह असर सालों भर दिखाई देने लगा है।नासा के शोध से खुलासा हुआ कि अकसर मानसून के बाद और सर्दी शुरू होने से पहले दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

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