मेडिकल कालेज के गर्ल्स हास्टल में सातवीं मंजिल पर स्थित रूम नंबर 746 में शनिवार सुबह एक बीडीएस छात्रा की लाश पंखे पर लटकी मिली। पश्चिम बंगाल की रहने वाली बीडीसी छात्रा दीक्षा अग्रवाल अपनी तीन सहपाठी छात्राओं के साथ हॉस्टल के इसी रूम में रहती थी। घटना के वक्त बाकी तीनों छात्राएं प्रैक्टिकल के लिए लैब में जा चुकी थीं और दीक्षा रूम में अकेली थी। उसने दरवाजा अंदर से बंद किया और बेड की चादर से फंदा बनाकर फांसी पर झूल गई। फांसी लगाने से पहले उसने अपनी एक सीनियर छात्रा को मैसेज भी किया कि वह फांसी लगाने जा रही है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर लाश को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें छात्रा ने अपनी दो रूम पार्टनर पर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। पश्चिम बंगाल में दीनाजपुर जनपद के दलकोटा निवासी व्यापारी संतोष अग्रवाल की बेटी दीक्षा अग्रवाल (22) टीएमयू में बीडीएस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। दीक्षा यूनिवर्सिटी कैंपस में ही स्थित गर्ल्स हॉस्टल के कमरा नंबर 746 में मिर्जापुर निवासी निधि, रामपुर निवासी मिस्वाह और वेस्ट बंगाल की जया के साथ रहती थी।
शनिवार को दीक्षा की तीनों रूम पार्टनर प्रैक्टिकल एग्जाम देने गईं थीं। साढ़े नौ बजे छात्रा ने अपनी पूर्व रूम पार्टनर व सीनियर छात्रा मोनिका कालरा को मैसेज किया कि वह सुसाइड कर रही है। उसने बाद में बाय-बाय भी लिखा। मोनिका मैसेज पढ़कर घबरा गई। वह मौके पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद हॉस्टल वार्डन व टीएमयू प्रशासन को सूचना दी गई। खबर मिलने पर टीएमयू के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।