कौन हैं राजीव शुक्ला?
63 साल के राजीव शुक्ला ने 1978 में अपने शहर कानपुर में पत्रकार के रूप में काम शुरू किया। वह रविवार पत्रिका में वीपी सिंह से जुड़े जमीन के सौदों पर लिखी अपनी खबरों से चर्चा में आए। इसी दौरान राजीव शुक्ला पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीब आए। तब से जुड़ा गांधी परिवार से उनका रिश्ता आज भी कायम है। कहा जाता है कि 10 जनपथ में उनकी बेरोकटोक आवाजाही है।
राजीव शुक्ला की पत्नी अनुराधा प्रसाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की बहन हैं। पत्नी के साथ मिलकर राजीव शुक्ला ने एक प्रोडक्शन हाउस शुरू किया। न्यूज और एंटरटेनमेंट चैनल चलाने वाले बीएजी फिल्म्स की अब अनुराधा ही मालकिन हैं। राजीव मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे। हाल ही में कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजा है।
राजीव शुक्ला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी भी हैं। जहां नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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BCCI में कैसा रहा है राजीव शुक्ला का सफर?
अप्रैल 2000 में राजीव शुक्ला पहली बार राज्यसभा सांसद चुने गए। यही वह दौर था जब उन्होंने क्रिकेट प्रशासन में भी अपना दखल शुरू किया और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) में उनकी एंट्री हुई। UPCA के प्रतिनिधि के तौर पर शुक्ला BCCI की बैठकों में जाने लगे। इन्हीं बैठकों में शामिल होने के दौरान उन्होंने BCCI में पैठ बनानी शुरू कर दी। 2005 में जब शरद पवार BCCI प्रमुख बने तो शुक्ला BCCI के अनाधिकृत प्रवक्ता के तौर पर हर मंच पर BCCI का पक्ष रखने लगे। ये वो दौर था जब टीवी का तेजी से प्रसार हो रहा था। शुक्ला को मीडिया में काम करने का लाभ मिला।
कांग्रेस का सांसद होने की वजह से शुक्ला की दिल्ली में अच्छी पकड़ थी। शुक्ला BCCI और सरकार के बीच एक कड़ी की तरह काम करने लगे। कांग्रेस ही नहीं भाजपा में भी शुक्ला के कई नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं। अरुण जेटली से उनके बेहद करीबी संबंध थे। इस वजह से केंद्र में जब भाजपा सत्ता में रही तब भी शुक्ला BCCI के संकटमोचक बने रहे। कहा जाता है कि गांधी परिवार से लेकर मनमोहन सिंह हो या नरेंद्र मोदी सभी से शुक्ला हर दिन मिल सकते हैं। यहां तक कहा जाता है कि BCCI के जो पदाधिकारी उन्हें पसंद नहीं करते, उन्हें भी सरकार से जुड़े मामलों में राजीव शुक्ला के विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
राजनेता हों या बिजनेसमैन या फिर क्रिकेटर सभी से राजीव शुक्ला के अच्छे संबंध हैं। इसी वजह से शुक्ला कई बार कह चुके हैं कि मेरे लिए दोस्तों से ज्यादा आसान दुश्मनों को गिनना है। क्योंकि मेरे दुश्मन बहुत कम हैं। अपनी इन्हीं खूबियों के चलते राजीव शुक्ला बीते करीब दो दशक से BCCI में जमे हुए हैं। चाहे शरद पवार रहे हों या जगमोहन डालमिया या शशांक मनोहर या एन श्रीनिवासन या फिर अनुराग ठाकुर सभी के दौर में शुक्ला बने रहे और सभी के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाते रहे।
बीसीसीआई एजीएम मुंबई में हुई।
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BCCI की नई कमेटी के अन्य सदस्य कौन हैं?
BCCI की सालाना बैठक में रोजर बिन्नी को अध्यक्ष चुना गया। उनके साथ राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष, गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह सचिव, भाजपा नेता आशीष शेलार कोषाध्यक्ष और असम के एडवोकेट जनरल देवाजीत सैकिया संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। इसके साथ ही खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के भाई अरुण धूमल और पूर्व BCCI प्रमुख जगमोहन डालमिया के बेटे अभिषेक डालमिया को IPL का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।