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BBC Documentary: केरल के कई हिस्सों में विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग, भाजपा की यूथ विंग ने खोला मोर्चा

Tue, 24 Jan 2023 09:22 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

भाजपा के युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी तिरुवनंतपुरम के पूजापुरा में एकत्र हुए जहां डॉक्यूमेंट्री सीरीज को दिखाया गया। मंगलवार शाम एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम के कुछ कॉलेजों में डॉक्यूमेंट्री सीरीज की स्क्रीनिंग हुई। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समेत विभिन्न राजनीतिक सगंठनों ने 2002 के गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को मंगलवार को राज्यभर दिखाया। इसके खिलाफ भाजपा की युवा शाखा ने प्रदर्शन किया है। 

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बीबीसी के 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' को मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शित किया गया, जिसके विरोध में भाजपा के युवा मोर्चा ने विरोध मार्च निकाला। इसके चलते राजधानी तिरुवनंतपुरम सहित केरल के कुछ इलाकों में तनाव फैल गया। पुलिस को युवा मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी तिरुवनंतपुरम के पूजापुरा में एकत्र हुए जहां डॉक्यूमेंट्री सीरीज को दिखाया गया। मंगलवार शाम एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम के कुछ कॉलेजों में  डॉक्यूमेंट्री सीरीज की स्क्रीनिंग हुई। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
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भाजपा के युवा मोर्चा ने पलक्कड़ के विक्टोरिया कॉलेज और एर्नाकुलम के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज तक विरोध मार्च निकाला, जहां एसएफआई ने डॉक्यूमेंट्री दिखाने की घोषणा की। दोनों जगहों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने और किसी भी तरह की झड़प को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।

केरल में सत्तारूढ़ माकपा की युवा शाखा डीवाईएफआई ने कहा कि वह डॉक्यूमेंट्री को न केवल दक्षिणी राज्य में बल्कि पूरे भारत में दिखाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन में कुछ भी 'राष्ट्र विरोधी' नहीं है। डीवाईएफआई को राज्य या देश में संघर्ष का माहौल बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। 

माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने कहा कि लोगों को इसके प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि विचारों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए और ऐसा करने से केवल उन पर और अधिक ध्यान आकर्षित होगा।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन को रोकना अलोकतांत्रिक है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार इसे छिपाने की कितनी भी कोशिश कर ले, इस पर पर्दा नहीं डाला जा सकता है।  इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री एंटनी के बेटे अनिल ने राज्य में चल रहे राजनीतिक तूफान में भाजपा का परोक्ष समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय संस्थानों पर ब्रिटिश प्रसारक के विचार रखने से देश की संप्रभुता 'कमजोर' होगी। 

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