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कोरोना से जंग: हर मोर्चे पर खुद जुटे हैं पीएम मोदी, स्थानीय से विदेशी स्तर तक लगातार कर रहे संवाद

Mon, 06 Apr 2020 04:14 AM IST
योगेश साहू हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से उपजी चुनौतियों ने खासतौर पर लॉकडाउन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। चाहे घरेलू मोर्चा हो या विदेशी, पीएम हर मोर्चे पर लगातार सक्रिय हैं। देश-दुनिया में जहां भी इस चुनौती से पार पाने की संभावना दिख रही है, उन सभी दरवाजों पर पीएम व्यक्तिगत रूप से दस्तक दे रहे हैं।

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सूत्रों के मुताबिक, पीएम की दिनचर्या तड़के ही संवाद से शुरू होती है। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। वह वैज्ञानिकों, रिसर्च संस्थाओं के मुखिया और वरिष्ठ चिकित्सकों से वर्तमान हालात और उपजी चुनौतियों पर राय लेते हैं। इस बीच, पीएम विदेश के नेताओं से भी लगातार संवाद कर रहे हैं।

हाल के दिनों में मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इस्रायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू समेत एक दर्जन देशों के प्रमुखों से बात की है। इसका मकसद यह जानना है कि ये देश अपने यहां इस चुनौती से कैसे निपट रहे हैं। साथ ही यह कि क्या इस महामारी से लड़ने के लिए कोई नया तरीका अपनाया जा रहा है? अगर हां तो इन देशों से भारत को क्या मदद मिल सकती है।
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पीएमओ के सूत्रों की मानें तो पीएम के आसपास हर मामलों के विशेषज्ञों की टीम मौजूद है। मगर पीएम विशेष मामलों में व्यक्तिगत स्तर पर रुचि लेते हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों की समस्याओं, तैयारियों की भी पीएम प्रतिदिन समीक्षा करते हैं। यही कारण है कि आराम करने के लिए उनके पास महज चार से पांच घंटे ही होते हैं।

तब्लीगी जमात ने बढ़ाई चुनौती

कोरोना से जंग की चुनौती तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के रवैये ने बढ़ा दी है। देश के कुछ हिस्सों में मेडिकल टीम पर हमला, नमाज पढ़ने के सवाल पर पुलिस से टकराव जैसी घटनाओं को लेकर सरकार चिंतित है। यही कारण है कि इस स्थिति को टालने के लिए पीएम लगातार विभिन्न धर्मों के प्रमुखों के संपर्क में हैं। पीएम के निर्देश पर प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग से कार्यकर्ताओं से संपर्क साध रहे पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सांप्रदायिक वैमनस्य नहीं फैलने देने का लगातार निर्देश दे रहे हैं।
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लॉकडाउन के बाद की स्थिति पर माथापच्ची

पीएम और उनकी टीम फिलहाल 14 अप्रैल को खत्म हो रहे लॉकडाउन के बाद की स्थिति पर माथापच्ची कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार कुछ कड़ी शर्तों के साथ देश के कुछ हिस्सों को राहत देगी। टीम फिलहाल उन क्षेत्रों की पहचान कर रही है जहां 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन की जगह दूसरा विकल्प आजमाया जा सके।
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