उन्होंने कहा कि शांति काल में ये बेसमेंट संबंधित परिवारों के लिए बहुउद्देश्यीय उपयोग के हो सकते हैं, जबकि युद्ध के समय ये अमूल्य जीवन रक्षक शरणस्थल के रूप में कार्य करेंगे। यह दूरदर्शी प्रयास सीमावर्ती नागरिकों की रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने और उन्हें बदलते सुरक्षा हालात से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
राजस्थान के जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि, सीमा क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा हेतु भूमिगत संरचनाएं और बेसमेंट निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इस समस्या के समाधान हेतु सेना कमांडर ने राज्य सरकार को सुझाव दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निवासी यदि नए मकान बना रहे हों, तो उन्हें बेसमेंट के निर्माण के लिए सब्सिडी या नकद प्रोत्साहन प्रदान किया जाए।
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उन्होंने कहा कि शांति काल में ये बेसमेंट संबंधित परिवारों के लिए बहुउद्देश्यीय उपयोग के हो सकते हैं, जबकि युद्ध के समय ये अमूल्य जीवन रक्षक शरणस्थल के रूप में कार्य करेंगे। यह दूरदर्शी प्रयास सीमावर्ती नागरिकों की रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने और उन्हें बदलते सुरक्षा हालात से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। राजस्थान की पाकिस्तान के साथ एक हजार किलोमीटर से अधिक की अंतर्राष्ट्रीय सीमा है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की युद्ध के समय सुरक्षा गंभीर चुनौती बन जाती है। ऐसे में, इन क्षेत्रों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गए हैं। इस ऑपरेशन के दौरान यह गंभीर चिंता सामने आई कि शत्रु द्वारा जानबूझकर सीमावर्ती आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। जिससे अनेक निर्दोष नागरिकों की जानें गईं। यह प्रवृत्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है- रूस-यूक्रेन युद्ध और इज़राइल-गाजा संघर्ष जैसे हालिया उदाहरणों में भी देखा गया है कि नागरिक आबादी के इलाकों में तोपों और हवाई हमलों का सीधा प्रभाव पड़ा है।
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बीते समय में केवल जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों पर शत्रु की गोलाबारी का असर होता था, और वहां समय के साथ नागरिक सुरक्षा के लिए आवश्यक ढांचागत विकास किया गया। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और भविष्य के संघर्षों में यह स्पष्ट है कि अब पूरी पश्चिमी सीमा दुश्मन की गोलीबारी के वजह से अ सुरक्षित है, लेकिन इन सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक आबादी की रक्षा के लिए कोई सुरक्षात्मक बंकर या आश्रय नहीं हैं।