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'बसव धर्म' है एक स्वतंत्र धर्म, न हिंदू धर्म के अंदर है और न इससे बाहर : सिद्धरमैया

Sat, 27 Jul 2019 10:42 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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सिद्धरमैया
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि 'बसव धर्म' एक स्वतंत्र धर्म है जो न तो हिंदू धर्म के अंदर है और न ही इससे बाहर है। उनकी यह टिप्पणी विवाद खड़ा कर सकती है।
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'बसव धर्म' की बातचीत कर सिद्धरमैया 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवेश्वर द्वारा स्थापित लिंगायत मत का जिक्र कर रहे थे।

सिद्धरमैया जब मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने पहली बार 'बसव धर्म' को एक अलग धर्म करार दिया था।

उन्होंने यहां दो पुस्तकों 'लिंगायत कन्नड़ वचनधर्म' और 'वचनधर्म अरिविना बेरागू' के विमाचेन अवसर पर कहा, "मेरा मत है कि यह (बसव धर्म) एक स्वतंत्र धर्म है।" 

कांग्रेस नेता ने अपनी इस टिप्पणी से कुछ घंटे पहले लिंगायत समुदाय के प्रभावशाली नेता एवं राज्य के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को असंवैधानिक और अनैतिक करार दिया। 
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