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Barter Deal: भारत ने रूस से उर्वरक आयात का किया करार, आगामी खरीफ सीजन में मिलेगी राहत

Mon, 30 May 2022 07:51 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रूस के साथ उर्वरक आयात वस्तु विनिमय समझौते (barter agreement) के तहत अंतिम रूप दे दिया है। बार्टर एग्रीमेंटके तहत नकद लेन-देन की बजाए किसी वस्तु के आयात के बदले में दूसरी वस्तु दी जाती है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारत ने रूस के साथ दीर्घावधि  उर्वरक आयात करार कर लिया है। बढ़ती कीमतों व आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए यह करार राहतकारी साबित होगा। यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगी पाबंदियों के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदी जारी रखकर और उर्वरक खरीदी का समझौता कर किसी देश के दबाव में नहीं आने का साफ संकेत दे दिया है। 

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भारत ने उर्वरक आयात के लिए रूस के साथ फरवरी में सरकार स्तर की वार्ता शुरू की थी। ये पूरी हो गई है। इसके तहत अब भारत रूस से लंबे समय तक उर्वरक आयात कर सकेगा। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि रूस के साथ उर्वरक आयात वस्तु विनिमय समझौते (barter agreement) के तहत अंतिम रूप दे दिया है। बार्टर एग्रीमेंट या वस्तु विनिमय के तहत नकद लेन-देन की बजाए किसी वस्तु के आयात के बदले में दूसरी वस्तु दी जाती है। 

भारत बड़े पैमाने पर उर्वरकों का आयात करता है। देश की आधी से ज्यादा आबादी कृषि पर निर्भर है। देश की 2.7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की 15 फीसदी हिस्सेदारी है। वैश्विक भू राजनीतिक स्थिति और उर्वरक के बढ़ते दाम को देखते हुए भारत ने फरवरी में ही रूस से आयात की चर्चा शुरू कर दी थी। रूस ने इसके बाद यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है।
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भारत चाय, कच्चा माल व ऑटो का करेगा निर्यात
रूस पर लगी पाबंदियों को देखते हुए भारत उर्वरक आयात के बदले में रूस को नकद भुगदान की बजाए चाय, कच्चा माल और ऑटो मोबाइल की वस्तुओं का निर्यात करेगा।  भारत उर्वरकों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। वह  हर साल रूस से 10 लाख टन डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और  8,00,000 टन नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम (NPK) आयात करता है।

उर्वरक सब्सिडी बिल दोगुना होगा
यूक्रेन युद्ध के कारण उर्वरकों की वैश्विक कीमतों में उछाल आ गया है। इस बीच, मोदी सरकार ने किसानों को इसकी मार से बचाने के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त उर्वरक सब्सिडी देने का फैसला किया है। इससे चालू वित्त वर्ष (2022-23) में सरकार का उर्वरक सब्सिडी बिल दोगुना होकर 2.15 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। 

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